महिलाओं और बालिकाओं से जुड़े कानूनों पर रेंज स्तरीय कार्यशाला, 85 महिला पुलिसकर्मियों को मिला प्रशिक्षण

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राजनांदगांव। महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों की विवेचना को अधिक प्रभावी, संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से बुधवार को पुलिस लाइन स्थित मंगल भवन में रेंज स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज बालाजी राव के निर्देशन में किया गया।

कार्यशाला में राजनांदगांव रेंज के चारों जिलों से आई महिला विवेचकों एवं पुलिस कर्मचारियों को महिलाओं और बालिकाओं से संबंधित अपराधों की विवेचना, साक्ष्य संकलन, पीड़िता के प्रति संवेदनशील व्यवहार, चिकित्सकीय एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के महत्व तथा न्यायालयीन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।

विशेषज्ञों ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) तथा पॉक्सो एक्ट के महत्वपूर्ण प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए विवेचना के दौरान होने वाली सामान्य त्रुटियों और उनके निराकरण के बारे में बताया। साथ ही दोषियों के खिलाफ प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

कार्यशाला में अधिवक्ता परवेज अख्तर और गौरी चक्रवर्ती ने महिला एवं बाल अपराध तथा पॉक्सो एक्ट की विवेचना संबंधी जानकारी साझा की। वहीं उपनिरीक्षक डॉ. संकल्प राय ने महिला एवं बच्चों के विरुद्ध साइबर अपराधों और उनसे बचाव के उपायों पर प्रशिक्षण दिया।

समापन सत्र में पुलिस महानिरीक्षक बालाजी राव ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन देते हुए कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा ऐसे मामलों में निष्पक्ष, संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित की जानी चाहिए।

कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक नवी मोनिका पांडे, एसडीओपी मंजूलता बाज, आशारानी और नेहा पवार सहित रेंज के चारों जिलों से 85 महिला अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। इनमें 4 उपनिरीक्षक, 6 सहायक उपनिरीक्षक, 12 प्रधान आरक्षक और 60 महिला आरक्षक शामिल रहीं। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को उपयोगी बताते हुए प्राप्त मार्गदर्शन को अपने दैनिक कार्यों में लागू करने का संकल्प लिया।

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