राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के विवरण का आधार कार्ड के अनुसार सत्यापन और आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया शुरू की गई है। ई-केवाईसी की प्रक्रिया शुरू होने से पहले श्रमिकों की जानकारी को दुरुस्त और पारदर्शी बनाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
श्रम विभाग के अनुसार सत्यापन एवं संशोधन का कार्य 30 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सभी पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को अपने मूल आधार कार्ड के साथ नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।
सीएससी में श्रमिकों की पहचान का बॉयोमेट्रिक सत्यापन, दस्तावेजों की जांच और ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आधार कार्ड में दर्ज प्रमाणित जानकारी के आधार पर पोर्टल में श्रमिक का नाम (हिंदी और अंग्रेजी दोनों में), जन्मतिथि, लिंग और सक्रिय मोबाइल नंबर अपडेट किया जाएगा।
विभाग ने बताया कि संशोधन आवेदन के साथ आधार कार्ड की स्पष्ट प्रति लगाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा श्रमिक की सहमति, हस्ताक्षर या अंगूठा निशान, ई-साइन और मोबाइल ओटीपी प्रमाणीकरण की प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी।
लाभार्थी की पहचान होगी पुख्ता
श्रमिकों को मिलने वाली योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचाने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए सत्यापन प्रक्रिया के दौरान श्रमिक की लाइव फोटो भी सिस्टम के माध्यम से कैप्चर की जाएगी। आवेदन जमा होने के बाद सिस्टम से एक विशिष्ट आवेदन क्रमांक जारी होगा, जिससे श्रमिक अपने आवेदन की स्थिति की जानकारी ले सकेंगे।
श्रम विभाग ने सभी पंजीकृत निर्माण श्रमिकों से समय सीमा के भीतर सीएससी पहुंचकर सत्यापन एवं आवश्यक संशोधन कराने की अपील की है। इस संबंध में अधिक जानकारी मुख्य कार्यालय श्रम पदाधिकारी राजनांदगांव, संबंधित जनपद पंचायतों में संचालित श्रम संसाधन केंद्र, नजदीकी च्वाइस सेंटर या लोक सेवा केंद्र से प्राप्त की जा सकती है।

