राजनांदगांव। राजनांदगांव-खैरागढ़ मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम गठुला में रविवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब तीन गांवों (तुमड़ीलेवा, भाठागांव और भेड़ीकला) के सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रशासनिक उपेक्षा से नाराज होकर मुख्य सड़क पर चक्काजाम कर दिया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही राजनांदगांव महापौर मधुसूदन यादव तत्काल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर विभागीय अधिकारियों से बात की। महापौर की समझाइश और त्वरित कार्रवाई के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका।
बारिश में बड़े गड्ढे बने हादसों का कारण
ग्रामीणों ने महापौर को बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत मार्च 2026 में गठुला से भेड़ीकला, भांठागांव, तुमड़ीलेवा होकर बघेरा तक सड़क निर्माण शुरू हुआ था। बारिश शुरू होते ही ठेकेदार और विभाग ने काम अधूरा छोड़ दिया। वर्तमान में सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिनमें पानी भरने के कारण रोजाना दुर्घटनाएं हो रही हैं।
स्कूल में शिक्षकों का अकाल
ग्रामीणों का दूसरा बड़ा गुस्सा शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला भेड़ीकला में शिक्षकों की कमी को लेकर था। ग्रामीणों का कहना था कि पर्याप्त शिक्षक न होने से बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है और कई बार शिकायत के बाद भी शिक्षा विभाग ने ध्यान नहीं दिया।
महापौर ने दिए निर्देश, मिला आश्वासन
महापौर मधुसूदन यादव ने मौके से ही संबंधित विभागों के अधिकारियों से फोन पर कड़ा रुख अपनाते हुए बात की। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि अगले 3 दिनों के भीतर सड़क के सभी गड्ढों को मलबे से पटा जाएगा और बारिश खत्म होते ही डामरीकरण का काम पूरा कराया जाएगा। महापौर सोमवार को स्वयं भेड़ीकला स्कूल पहुंचकर छात्रों व स्टाफ से बात करेंगे और 1 सप्ताह के भीतर वैकल्पिक शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित करेंगे। महापौर के सकारात्मक और सहयोगात्मक रुख को देखते हुए ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और मार्ग पर आवागमन फिर से सुचारू रूप से शुरू हो गया।


