राजनांदगांव। कृषि विज्ञान केंद्र सुरगी ने जिले के किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है। केंद्र के अनुसार जिले और आसपास के क्षेत्रों में खरीफ फसलों की बोआई व रोपाई लगभग पूरी हो चुकी है। अधिकांश फसलें 20 से 25 दिन की अवस्था में हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में घने बादल छाए रहने के साथ मध्यम वर्षा की संभावना है। ऐसे में किसानों को लगातार बारिश के दौरान निंदानाशक दवाओं का छिड़काव नहीं करने की सलाह दी गई है।
कृषि विज्ञान केंद्र के अनुसार धान की फसल में संकरी और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के नियंत्रण के लिए बोआई के 20 से 25 दिन के भीतर आवश्यकतानुसार खरपतवारनाशी का प्रयोग किया जा सकता है। बिसपायरिबेक सोडियम का 200 से 250 ग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से उपयोग करने की सलाह दी गई है। दवा का छिड़काव मौसम साफ रहने और खेत की स्थिति अनुकूल होने पर ही करने कहा गया है।
अरहर और सोयाबीन की फसल वर्तमान में वृद्धिकाल अवस्था में है। इनमें संकरी और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के नियंत्रण के लिए बोआई के 18 से 20 दिन तक आवश्यकतानुसार खरपतवारनाशी का प्रयोग करने की सलाह दी गई है। एमेजाथाईपर 10 प्रतिशत एसएल का 750 मिली प्रति हेक्टेयर की दर से उपयोग करने का सुझाव दिया गया है।
मक्का की फसल भी 20 से 25 दिन की अवस्था में पहुंच चुकी है। इस समय निंदाई-गुड़ाई कर खरपतवारों को नियंत्रित करने की सलाह दी गई है। संकरी और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के नियंत्रण के लिए ट्रोपरामिजान के उपयोग का सुझाव दिया गया है।
सब्जी वर्गीय फसलों में पौधों को सहारा देने के लिए स्टेकिंग करने के साथ आवश्यकतानुसार निराई-गुड़ाई करने कहा गया है। बारिश को देखते हुए खेतों में जलभराव न होने देने और उचित जल प्रबंधन बनाए रखने की सलाह भी दी गई है। कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों से मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही कृषि रसायनों का उपयोग करने की अपील की है।

