त्योहारों में घर से दूर पदस्थ शिक्षकों की पीड़ा : दशहरा, दिवाली और शीतकालीन छुट्टियों में वृद्धि की उठी मांग

अपने दोस्तों को शेयर करें :

रायपुर। राज्य सरकार द्वारा घोषित दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश की समयावधि से प्रदेश भर के शिक्षकों में असंतोष पनपने लगा है। शासन द्वारा प्रत्येक त्योहार के लिए मात्र पांच-पांच दिनों का अवकाश मंजूर किए जाने के बाद अब छुट्टियों में आंशिक संशोधन और वृद्धि की मांग तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ विषयबाध्यता मंच ने शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए मुख्यमंत्री से इन अवकाशों को 8-8 दिन करने का नम्र निवेदन किया है।

मंच के प्रांतीय संयोजक ऋषि राजपूत ने राज्य सरकार से मानवीय आधार पर विचार करने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रदेश में कार्यरत अधिकांश शिक्षक अपने गृह जिलों से दूरस्थ, वनांचल एवं दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में मात्र पांच दिनों की छुट्टी में उनका घर पहुंचना, त्योहार मनाना और पुन: समय पर कार्यस्थल पर लौटना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

ऋषि राजपूत ने बताया कि दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश केवल औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि इनके लिए व्यापक पारिवारिक और सामाजिक तैयारियों की आवश्यकता होती है। पूर्ववर्ती डॉ. रमन सिंह सरकार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संभवत: शिक्षकों की इन्हीं भौगोलिक और व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखकर उस समय दशहरा और दीपावली की छुट्टियां एक साथ दी जाती थीं, जिससे शिक्षकों को राहत मिलती थी।

छत्तीसगढ़ विषयबाध्यता मंच ने राज्य की संवेदनशील व कल्याणकारी सरकार से अपील की है कि शिक्षकों के हित में छुट्टी की तालिका में आंशिक संशोधन कर प्रति अवकाश न्यूनतम 8 दिवस निर्धारित किया जाए, ताकि शिक्षक तनावमुक्त होकर त्योहारों में शामिल हो सकें।

अपने दोस्तों को शेयर करें :