राजनांदगांव। सिटी कोतवाली पुलिस ने मानवता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सरगुजा से भटककर राजनांदगांव पहुंचे एक युवक को उसके परिजनों से मिलाकर सुरक्षित सुपुर्द किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से परिजनों के चेहरे पर खुशी लौट आई।
पुलिस के अनुसार 22 जून को सूचना मिली कि एक व्यक्ति रेलवे स्टेशन के आसपास भटक रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने उससे पूछताछ की। युवक ने अपना नाम दयाशंकर और जिला सरगुजा का निवासी होना बताया, लेकिन वह अपने गांव और अन्य जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहा था। इसके बाद पुलिस उसे सुरक्षित थाना लेकर आई और मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर तथा नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरो के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने युवक के परिजनों की तलाश शुरू की। लगातार प्रयास के बाद युवक के भाई आर्यन सिंह का पता लगाया गया, जो भिलाई में रहकर पढ़ाई कर रहा है।
सूचना मिलने पर आर्यन सिंह थाना पहुंचा और उसने भटके हुए युवक की पहचान अपने चचेरे भाई दयाशंकर (27) निवासी ग्राम करेपा, थाना दरिमा, जिला सरगुजा के रूप में की। परिजनों ने बताया कि दयाशंकर मानसिक रूप से अस्वस्थ है और इसी कारण भटकते हुए राजनांदगांव पहुंच गया था।
पहचान की पुष्टि के बाद कोतवाली पुलिस ने दयाशंकर को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। अपने भाई को सुरक्षित पाकर परिजनों ने राजनांदगांव पुलिस की तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। पुलिस की इस पहल को मानवीय संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।

