महंगे दाम पर यूरिया बेचने वाले विक्रेता पर कार्रवाई : 47.47 मीट्रिक टन खाद जब्त, जिले में 129 केंद्रों की जांच

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राजनांदगांव। किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने और खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने कृषि विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। छुरिया विकासखंड के चिचोला रोड स्थित ग्रामोदय कृषि संसार निजी रासायनिक उर्वरक विक्रय केंद्र में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर यूरिया बेचने की पुष्टि होने पर विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। केंद्र से 47.47 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक भी जब्त किया गया है।

कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम जिलेभर में उर्वरक विक्रय केंद्रों की जांच कर रही है। इसी दौरान ग्रामोदय कृषि संसार केंद्र में यूरिया अधिक कीमत पर बेचने की शिकायत मिली थी। जांच के लिए अनुविभागीय कृषि अधिकारी कार्यालय के वाहन चालक श्री संजय कुमार सिन्हा को ग्राहक बनाकर केंद्र भेजा गया।

जांच में सामने आया कि केंद्र के कर्मचारी श्री गोविंद तिवारी ने उन्हें यूरिया खाद 600 रुपए प्रति बोरी की दर से बेची और राशि फोन-पे के माध्यम से प्राप्त की। जबकि निर्धारित दर से अधिक कीमत पर उर्वरक विक्रय करना उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 का उल्लंघन है। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए केंद्र में उपलब्ध खाद को जब्त कर लिया।

जब्त उर्वरक में 15.57 मीट्रिक टन यूरिया, 6.05 मीट्रिक टन डीएपी, 10.85 मीट्रिक टन ट्रिपल सुपर फास्फेट, 12.50 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट और 2.50 मीट्रिक टन म्यूरेट ऑफ पोटाश शामिल हैं।

उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए जिले में उर्वरक विक्रय केंद्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। अब तक 129 केंद्रों का निरीक्षण किया जा चुका है। अनियमितता मिलने पर 44 केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

वहीं 12 केंद्रों से उर्वरक जब्ती की कार्रवाई की गई है और गंभीर अनियमितता पाए जाने पर 9 विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इसके अलावा चार गंभीर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उचित मूल्य पर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने, कालाबाजारी या अन्य अनियमितता करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने किसानों से अपील की है कि ऐसी किसी भी शिकायत की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि दोषियों पर कार्रवाई की जा सके।

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