राजनांदगांव। जिले में राजस्व सेवाओं को और अधिक सुलभ, पारदर्शी व त्वरित बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा एक अभिनव पहल करते हुए ग्राम पंचायतों में राजस्व संबंधित समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने आज ग्राम पंचायत सांकरा का आकस्मिक आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में राजस्व प्रकरणों के संबंधित आवेदन लिए जा रहे है। जिससे अविवादित नामांतरण, अविवादित खाता विभाजन जैसे राजस्व प्रकरणों को ग्राम पंचायत स्तर पर ही 15 दिनों के भीतर निराकृत किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। जिससे लोगों को तहसील कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। इससे नागरिकों के समय एवं श्रम की बचत हो रही है। इसके साथ ही नागरिकों को सहूलियत भी मिल रही है। उन्होंने ग्राम पंचायतों में राजस्व प्रकरणों के निराकरण के संबंध में गांवों में मुनादी कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने वहां उपस्थित किसानों से बातचीत कर उनके राजस्व संबंधी आवेदन के निराकरण की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि पहले छोटे-छोटे कार्यों के लिए कई बार तहसील कार्यालय जाना पड़ता था, परंतु अब वही काम ग्राम पंचायत में ही निराकरण होने से काफी राहत मिली है। किसानों ने बताया कि यह बहुत अच्छी पहल है। ग्राम पंचायत में राजस्व संबंधित समस्याओं का निराकरण होने से बड़ी राहत मिलती है। किसान डुलेश कुमार बंजारे ने बताया कि उन्होंने फौती नामांतरण के लिए कुछ दिन पूर्व ग्राम पंचायत में आवेदन किया था और शीघ्र उनका फौती नामांतरण हो गया। इस व्यवस्था से उनका समय, राशि और श्रम की बचत हुई है और बहुत ही पारदर्शी एवं आसानी से फौती नामांतरण हो गया है। इससे वे बहुत खुश है।
कलेक्टर ने बताया कि इस अभिनव पहल से ग्राम पंचायतों में पीछले 6 माह में 1500 से ज्यादा राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया है। इसके लिए आवेदन प्राप्त होने के 15 दिवस के भीतर निराकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभिनव पहल से ग्राम पंचायतों में राजस्व संबंधित समस्याओं का निराकरण अब ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत बनकर उभर रही है।
ग्राम सांकरा के किसान डुलेश कुमार बंजारे ने बताया कि उन्होंने फौती नामांतरण के लिए कुछ दिवस पूर्व ही आवेदन ग्राम पंचायत में किया था। जिसके बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही उनका फौती नामांतरण कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पहले कई बार तहसील जाना पड़ता था, अब एक ही जगह सब काम हो जाता है। जिससे उनका समय, श्रम की बचत के साथ पूरी पारदर्शी तरीके से निराकरण किया गया है। उन्होंने बताया कि फौती नामांतरण होने से समर्थन मूल्य में फसल विक्रय करने, प्रधानमंत्री सम्मान निधि, केसीसी जैसी योजनाओं का लाभ अब आसानी से मिल पाएगा। ग्राम सांकरा के अन्य किसान देव सिंह निषाद ने भी ग्राम पंचायत में आवेदन करने के पश्चात निर्धारित समय-सीमा में उनका फौती नामांतरण किया गया है। जिससे वे अपनी खुशी जाहीर की। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, जनपद पंचायत सीईओ मनीष साहू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

