राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में जिले में चिरायु दल लगातार स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की स्वास्थ्य जांच और उपचार कर रहा है। गंभीर बीमार बच्चों का आवश्यकता अनुसार नि:शुल्क इलाज जिला, राज्य और राज्य के बाहर भी कराया जाता है।
घुमका विकासखंड में चिरायु दल की टीम को जन्मजात कैटेगरी-ए के हृदय रोग से पीड़ित अयांश मिले। प्रारंभिक जांच में चिकित्सकों ने हृदय रोग का संदेह जताया और बच्चे को उच्च संस्थानों में रेफर किया। जांच में पुष्टि हुई कि अयांश को जट्रालॉजी ऑफ फैलोटज नामक गंभीर हृदय रोग है, जिसका समय पर इलाज जरूरी था।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि अयांश के इलाज के लिए मिशन मोड में काम किया गया। बच्चे को पहले एमएमआई रायपुर, फिर एम्स रायपुर भेजा गया और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के लिए बेंगलुरू रेफर किया गया। वहां अनुभवी सर्जनों की देखरेख में उसका ऑपरेशन सफल रहा।
उन्होंने बताया कि चिरायु दल ने इससे पहले मिशिका नामक बच्ची का भी दिल का छेद सफलतापूर्वक ऑपरेशन कराया था। अयांश के इलाज में वैशाली साहू, शकुंतला साहू और किरण साहू ने फील्ड स्तर पर समन्वय और परिवार के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखा।
अयांश का परिवार अब अपने लाडले की सेहत देखकर खुश है। इस मिशन ने साबित कर दिया कि शासन की अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर जीवन रक्षक साबित हो रही हैं। इस अभियान में चिरायु दल घुमका के डॉ. कुसुम चंद्रा, डॉ. आयुष वतन शर्मा और डॉ. स्नेहा जैन की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।

