पुतला जलाने से पहले राहुल गांधी की जाति बताएं कांग्रेसी : मधुसूदन यादव

अपने दोस्तों को शेयर करें :

राजनांदगांव। संसद के वर्तमान सत्र में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना का मुद्दा प्रमुखता से उठाया, जिसका मुंहतोड़ जवाब देते हुवे सत्तापक्ष के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने विपक्ष को निरुत्तर कर दिया। पूर्व सांसद एवं प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष मधुसूदन यादव ने संसद में हुई इस तीखी नोंकझोंक पर तंज कसते हुए कहां है कि, पूरे देश की जनता के समक्ष विपक्ष की इतनी फजीहत आज तक कभी नहीं हुई, जिससे चिढ़कर अब कांग्रेसी नेतागण भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर का पुतला जलाने का ढकोसला कर रहे हैं। इस मुद्दे पर चुटकी लेते हुए पूर्व सांसद मधु ने कहा है कि सदन की कार्यवाही का वीडियो देखने पर स्पष्ट दृष्टिगत है कि भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी के जाति गणना की मांग का अपनी पार्टी की तरफ से पूरी शालीनता एवं जिम्मेदारी के साथ जवाब दिया, जिसमें उन्होंने बिना किसी का नाम लेते हुए कहां है कि जो लोग अपनी जाति नहीं जानते हैं, वह जाति गणना की मांग कर रहे हैं। पूर्व सांसद मधू ने कहा है कि पूरे भाषण में सांसद अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी से उनकी जाति नहीं पूछी है, फिर भी कांग्रेसी इसी बात पर विधवा विलाप करते हुए युवा सांसद अनुराग ठाकुर का पुलता जलाने जा रहे हैं जो हास्यास्पद है । उन्होंने मांग की है कि कांग्रेसी नेतागण पहले राहुल गांधी की तयशुदा जाति एवं धर्म बताएं फिर भाजपा सांसद का पुतला जलाने की सोचे। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष ने पूछा है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी देश से अपनी जाति और धर्म क्यों छुपा रहे हैं, जबकि पूरा देश इस बारे में जानने को उत्सुक है और यह बात उजागर करना राहुल गांधी की नैतिक जिम्मेदारी भी है, तो इसमें गलत क्या है ? भाजपा नेता ने विपक्ष से कई सवाल पूछे हैं, उन्होंने पूछा है कि 60 साल तक देश पर राज करने वाली कांग्रेस ने अपने शासनकाल में जाति गणना कितनी बार करवाई, और इससे किन जातियों की सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों में सुधार हुआ, किन किन जातियों की असमानताओं को चिन्हित किया गया और उन्हें समानता के क्या-क्या लक्षित अवसर प्रदान किए गए, यह कांग्रेस पार्टी को स्पष्ट करना चाहिए। पूर्व सांसद मधुसूदन ने आरोप लगाया है कि केंद्र की कांग्रेस सरकार ने 2011 की जनगणना में जाति गणना को शामिल किया था, किंतु उसकी रिपोर्ट अविश्वसनीय होने के कारण कभी सार्वजनिक नहीं की गई और यह जाति गणना पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई थी। पूर्व सांसद मधुसूदन ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाया है कि पत्रकारों, फौजियों एवं आई.ए.एस.अधिकारियों की जाति पूछने की बिमारी कांग्रेसी नेताओं को पहले से लगी हुई है। केन्द्र की सत्ता तक पहुंचने के प्रयास में कांग्रेस देश में परस्पर जातिगत विद्वेष एवं विभाजनवाद की राजनीति को बढ़ावा दे रही है। एक ओर केंद्र की भाजपा सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास का नारा देते हुए देश में अंत्योदय एवं समावेशी विकास को प्रोत्साहित कर रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी आगामी चुनाव में तात्कालिक लाभ लेने की ओछी मानसिकता के साथ जाति गणना के विभाजनकारी विवादित मुद्दे की वकालत कर रही है, जो देश के विकास की राह में बड़ी बाधा सिद्ध होगा।

अपने दोस्तों को शेयर करें :