राजनांदगांव। संस्कारधानी के बसंतपुर थाना क्षेत्र में एक बेहद संवेदनशील और मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले एसएसबी (सीमा सुरक्षा बल) के जवान की मृत्यु के बाद मिली विभागीय सहायता राशि को उसके ही रिश्तेदार ने हड़प लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक जवान के साडू भाई को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने वृद्ध माता-पिता को अधिकारियों को रिश्वत देने का झांसा देकर 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी।
हादसे में हुई थी जवान की मौत
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी का पुत्र वरुण कुमार साहू (32 वर्ष) जम्मू-कश्मीर में एसएसबी में तैनात था। 12 सितंबर 2025 को अवकाश के दौरान राजनांदगांव के पास एक सड़क दुर्घटना में उसकी असमय मृत्यु हो गई थी। शासन और विभाग की ओर से मृतक के पिता के खाते में 10 लाख और माता के खाते में 19.25 लाख रुपये की सहायता राशि जमा की गई थी।
रिश्तेदार ने ही बुना ठगी का जाल
इसी दौरान आरोपी योगराज साहू (45 वर्ष), जो मृतक का साडू भाई है, ने वृद्ध दंपत्ति की लाचारी का फायदा उठाया। उसने वृद्ध माता-पिता को विश्वास में लिया कि विभाग के बड़े अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों को पैसा खिलाना पड़ेगा, तभी सारा काम आसानी से होगा। झांसे में आकर दंपत्ति ने बैंक से 15 लाख रुपये निकाले। आरोपी ने इसमें से 11 लाख रुपये खुद रख लिए और केवल 4 लाख रुपये वापस किए।
घेराबंदी कर पुलिस ने दबोचा
वृद्ध दंपत्ति की शिकायत पर थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 219/2026 धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी योगराज साहू को धर दबोचा। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 1 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
पुलिस टीम की रही सराहनीय भूमिका
इस त्वरित कार्रवाई में नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में उप निरीक्षक देवा दास भारती, प्रधान आरक्षक दीपक जायसवाल, महिला प्रधान आरक्षक मेनका साहू, सीमा जैन और आरक्षक अतहर अली व जामिंद्र वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

