राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) की जिला स्तरीय बैठक ली। बैठक के दौरान उन्होंने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार की रोकथाम और ‘नशामुक्त भारत अभियान’ के तहत चल रही गतिविधियों की गहन समीक्षा की। कलेक्टर ने जिले में नशीले पदार्थों के अवैध विक्रय और तस्करी के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रखने के कड़े निर्देश दिए हैं।
अक्टूबर माह में की गई बड़ी कार्रवाई
बैठक में जानकारी दी गई कि अक्टूबर 2026 के दौरान मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल 4 प्रकरण दर्ज किए गए। इस दौरान पुलिस ने 17.11 किलोग्राम गांजा, 2,990 रुपए नकद और 2 वाहन जब्त किए, साथ ही कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
मेडिकल स्टोर्स पर नजर और सीसीटीवी अनिवार्य
कलेक्टर ने स्वापक एवं मन:प्रभावी औषधियों (साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस) के अनधिकृत व्यापार पर पूरी तरह लगाम लगाने के निर्देश दिए। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सितंबर 2026 में जिले के 65 मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया गया। राहत की बात यह है कि जिले के कुल 723 मेडिकल स्टोर्स में से 720 स्टोरों में सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं।
युवाओं को खेलकूद से जोड़ने के निर्देश
युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से दूर रखने के लिए कलेक्टर ने शिक्षा संस्थानों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों को नशामुक्त बनाने के वास्ते विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही, युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने और उन्हें खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए एक ‘वार्षिक खेल कैलेंडर’ तैयार करने तथा खेल गतिविधियों में उनकी अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा।
नशामुक्ति केंद्र और जेल में स्वास्थ्य प्रबंधन
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नशामुक्ति केंद्र में वर्तमान में 9 लोगों का उपचार चल रहा है। विभाग द्वारा नशे के खिलाफ चलाए गए 2 जनजागरूकता कार्यक्रमों में 550 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।
जेल में बंद नशे के आदी कैदियों में नशीले पदार्थों का सेवन बंद होने से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और उनके प्रबंधन के लिए जेल अधिकारियों व कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए हैं।





