राजनांदगांव। जिले में बारिश के मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया, डेंगू और अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप स्वास्थ्य केंद्रों में जांच किट, आवश्यक दवाइयों, लार्वीसाइड और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। साथ ही नागरिकों से घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने तथा बुखार आने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि जिले में फीवर सर्वे, स्वास्थ्य शिविर, मलेरिया-डेंगू जांच और त्वरित उपचार की गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं। स्वास्थ्य कर्मियों को संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को कूलर, पानी की टंकी, गमलों और अन्य पात्रों की नियमित सफाई, मच्छरदानी के उपयोग और स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वहीं, मच्छरों की उत्पत्ति रोकने के लिए जल स्रोतों में गम्बूसिया मछलियां छोड़ी जा रही हैं तथा जरूरत के अनुसार लार्वीसाइड का उपयोग किया जा रहा है।
नगर निगम के सहयोग से शहरी क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग कराई जा रही है। इसके अलावा विद्यालयों में नारा लेखन, भाषण, चित्रकला और रंगोली प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को भी मलेरिया और डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
इस साल मलेरिया के 15 मामले
सीएमएचओ डॉ. नवरतन ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में मलेरिया के 25 स्थानीय मामले सामने आए थे, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 15 पॉजिटिव मरीज मिले हैं, जो स्थानीय संक्रमण में कमी का संकेत है। हालांकि प्रवासी श्रमिकों में मलेरिया के मामलों को देखते हुए विशेष निगरानी, जांच और उपचार की व्यवस्था की गई है। पिछले वर्ष पात्र हितग्राहियों को मच्छरदानियां वितरित की गई थीं और इस वर्ष भी आवश्यकता के अनुसार वितरण की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। साथ ही शासन से निर्देश मिलते ही चिन्हित क्षेत्रों में पाइरेथ्रम स्प्रे भी कराया जाएगा।

