राजनांदगांव। मानसून की आमद से पहले शहर को जलभराव (वॉटर लॉगिंग) की मुसीबत से बचाने के लिए नगर निगम ने ताकत झोंक दी है। पहले चरण की सफाई के बाद अब दूसरे चरण का काम भी युद्धस्तर पर शुरू हो गया है। बुधवार सुबह नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने खुद मोर्चा संभाला और ग्राउंड जीरो पर उतरकर इंदिरा नगर, गंज चौक, गोल बाजार और तुलसीपुर में नाला सफाई व निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। आयुक्त ने कड़े लहजे में कहा कि केवल खानापूर्ति के लिए सफाई न करें, नालों की तलहटी (निचले स्तर) से कचरा निकाला जाए ताकि बारिश में पानी बस्तियों में न भरे।
दौरे के दौरान आयुक्त सबसे पहले इंदिरा नगर और गंज चौक पहुंचे। यहां चल रहे नाला सफाई कार्य की धीमी गति और तरीके को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नालों के ऊपर लगी लोहे की जालियां हटाई जाएं, ताकि अंदर जमा सिल्ट और कचरे को पूरी तरह बाहर निकाला जा सके। उन्होंने कहा कि सफाई का पैमाना ऐसा होना चाहिए जिससे भारी बारिश के दौरान भी पानी का बहाव न रुके।
इसके बाद आयुक्त का काफिला गोल बाजार पहुंचा। बाजार क्षेत्र की नालियों की स्थिति देख उन्होंने स्वच्छता अमले को यहां रोजाना सफाई करने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने स्वच्छता निरीक्षकों से कहा कि वे सब्जी पसरा लगाने वाले दुकानदारों को बुलाकर साफ तौर पर समझाएं कि नाली में कचरा और सड़ी-गली सब्जियां न फेंकें। अगर नाली ब्लॉक हुई तो पहली ही बारिश में पूरा बाजार जलमग्न हो जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने बाजार में बने ‘आकांक्षी शौचालय’ को भी जल्द से जल्द आम जनता के लिए शुरू करने की डेडलाइन तय की।
तुलसीपुर क्षेत्र में चल रहे नई नाली के निर्माण कार्य का जायजा लेते हुए आयुक्त विश्वकर्मा ने काम की रफ्तार बढ़ाने और इसे समय-सीमा में पूरा करने को कहा। उन्होंने इंजीनियरिंग विभाग को तकनीकी हिदायत देते हुए कहा कि नाली निर्माण में ढलान (स्लोप) का विशेष ध्यान रखा जाए। अगर ढलान सही नहीं होगा, तो पानी की निकासी नहीं होगी और निर्माण का कोई फायदा नहीं मिलेगा।
आयुक्त ने स्वच्छता निरीक्षकों को आदेश दिए हैं कि शहर के उन सभी निचले इलाकों की सूची तैयार करें जहां हर साल पानी भरता है। उन जगहों पर बारिश से पहले ही ड्रेनेज क्लियर रखने की जिम्मेदारी वार्ड प्रभारियों की होगी।

