राजनांदगांव। हॉकी इंडिया नई दिल्ली के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ हॉकी द्वारा मंगलवार को ओलंपिक दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस ऐतिहासिक दिन के उपलक्ष्य में एक विशेष प्रदर्शन हॉकी मैच का आयोजन किया गया, जो खेलो इंडिया सेंटर बनाम भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के मध्य खेला गया। रोमांचक मुकाबले में खेलो इंडिया सेंटर ने साई को 2-0 गोल से पराजित कर जीत दर्ज की। खेलो इंडिया सेंटर की ओर से धनंजय यादव और प्राण साहू ने शानदार खेल दिखाते हुए 1-1 गोल किए।
मैच की शुरुआत में जिला हॉकी संघ के सचिव शिवनारायण धकेता, नीलमचंद जैन, भूषण साव, खेलो इंडिया हॉकी कोच शकील अहमद, अनुराज श्रीवास्तव और अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मृणाल चौबे ने मैदान के मध्य जाकर खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित छत्तीसगढ़ हॉकी के अध्यक्ष फिरोज अंसारी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए ओलंपिक दिवस के गौरवशाली इतिहास की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक ओलंपिक खेलों का पुनर्जन्म फ्रांस के बैरन पियरे डी कुबर्तिन के प्रयासों से हुआ था, जिनके चलते वर्ष 1894 में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) की स्थापना हुई। पहला आधुनिक ओलंपिक 1896 में एथेंस (ग्रीस) में आयोजित किया गया था। भारत ने पहली बार 1900 के पेरिस ओलंपिक में हिस्सा लिया था। अंसारी ने गर्व के साथ याद दिलाया कि भारतीय हॉकी टीम ने ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करते हुए अब तक 8 स्वर्ण पदक जीतकर विश्व में अपनी एक विशेष और अटूट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष 23 जून को ओलंपिक दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को खेल, स्वास्थ्य, फिटनेस और ओलंपिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है।
समारोह के दौरान मैच की विजेता व उपविजेता टीमों को ट्रॉफी प्रदान की गई। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले होनहार खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ हॉकी के सौजन्य से अतिथियों द्वारा पुरस्कृत व सम्मानित किया गया।
इस समापन एवं पुरस्कार वितरण अवसर पर प्रमुख रूप से साई हॉकी कोच परमजीत सिंह, हॉकी कोच शकील अहमद, वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ी शेख महबूब शरीफ, आशीष सिन्हा, अभिनव मिश्रा, राजेश निर्मलकर, साई हॉकी कोच स्मृति सिंह एवं कृष्णा यादव सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और खिलाड़ी उपस्थित थे।

