राजनांदगांव। सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के लिए संचालित प्रधानमंत्री रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट (पीएम-राहत) योजना का जिले में लाभ मिलने लगा है। योजना के तहत अब तक 14 सड़क दुर्घटना पीड़ितों का कैशलेस उपचार किया जा चुका है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को गोल्डन ऑवर के दौरान अस्पताल में भर्ती कर अधिकतम सात दिनों तक 1 लाख 50 हजार रुपए तक का निःशुल्क कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। यह सुविधा जिले के पंजीकृत शासकीय और निजी अस्पतालों में दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि 14 लाभार्थियों में से 12 मरीजों का उपचार भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, राजनांदगांव में तथा दो मरीजों का इलाज संजीवनी नर्सिंग होम, चिखली में किया गया। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में उचित उपचार मिलने से गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सकती है। इसी उद्देश्य से पीएम-राहत योजना में गोल्डन ऑवर के दौरान तत्काल चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की गई है।
योजना के सफल संचालन के लिए जिले के 34 शासकीय और 38 निजी अस्पतालों के प्रभारियों एवं संचालकों को प्रशिक्षण देकर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में तत्काल निकटतम पंजीकृत अस्पताल पहुंचकर योजना का लाभ लें।
पीएम-राहत योजना की विस्तृत जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय अथवा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से प्राप्त की जा सकती है।

