‘पहल’ के जरिए पुलिस-जन सहयोग का नया मॉडल : शिक्षा, सुरक्षा और सामाजिक बदलाव पर फोकस

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राजनांदगांव। पुलिस लाइन में रविवार को राजनांदगांव पुलिस की अभिनव पहल ‘पहल’ का भव्य शुभारंभ किया गया। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के नेतृत्व में शुरू इस अभियान का उद्देश्य पुलिस और समाज के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता को मजबूत करना बताया गया है।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस मौके पर सांसद संतोष पांडेय, विधायकगण, महापौर मधुसूदन यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद रहे। आयोजन में लगभग 2600 लोगों की सहभागिता रही।

शिक्षा और युवाओं पर विशेष फोकस
कार्यक्रम के दौरान प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए ‘पहल रीडिंग रूम’ का शुभारंभ किया गया। यह सुविधा खासतौर पर अटल आवास, झुग्गी बस्तियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई है, जहां अध्ययन के लिए शांत वातावरण उपलब्ध नहीं हो पाता।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आगे चलकर निःशुल्क कोचिंग की भी शुरुआत की जाएगी, जिसमें प्रतिदिन सुबह 7 से 10 बजे तक विषय विशेषज्ञ और नव आरक्षक मार्गदर्शन देंगे।

164 गांवों का सम्मान, वृक्षारोपण से दिया संदेश
कार्यक्रम में वर्ष 2024, 2025 और 2026 में अपराधमुक्त रहे 164 ग्रामों के सम्मान में वृक्षारोपण अभियान भी शुरू किया गया। इसे सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी का प्रतीक बताया गया।

कोटवार, सरपंच और अभ्यर्थियों का सम्मेलन
कोटवारों का सम्मेलन आयोजित कर ग्रामीण सूचना तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया गया। वहीं अपराधमुक्त गांवों के सरपंचों और प्रतिनिधियों के अनुभव भी साझा किए गए।

प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के लिए विशेष सत्र, पुस्तक वितरण और कैरियर मार्गदर्शन भी दिया गया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए युवाओं ने इसमें हिस्सा लिया।

सड़क सुरक्षा में ‘यातायात मित्रों’ की भूमिका
कार्यक्रम में 500 से अधिक यातायात मित्रों की सहभागिता रही, जिन्हें सड़क दुर्घटनाओं के ‘गोल्डन ऑवर’ में मदद करने के लिए अहम भूमिका निभाने वाला बताया गया। साथ ही 111 गुड समैरिटन्स का सम्मान भी किया गया, जिन्होंने दुर्घटनाओं में लोगों की जान बचाई।

मेंटरशिप मॉडल भी होगा लागू
पहल कार्यक्रम के तहत थानों में पदस्थ पुलिस अधिकारियों को विद्यार्थियों का मेंटर बनाया जाएगा, ताकि उन्हें लगातार मार्गदर्शन और प्रेरणा मिल सके।

पुलिस प्रशासन ने कहा कि ‘पहल’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा, सामाजिक सहभागिता और जनविश्वास के जरिए सामाजिक परिवर्तन की दीर्घकालिक रणनीति है।

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