राजनांदगांव। महतारी वंदन योजना के तहत नि:शुल्क ई-केवाईसी सत्यापन में अवैध वसूली करने वाले लोक सेवा केंद्र के संचालकों पर प्रशासन ने सर्जिकल स्ट्राइक की है। हितग्राहियों से पैसों की मांग करने की शिकायत सही पाए जाने पर 9 वीएलई (विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर) की आईडी तत्काल प्रभाव से ब्लॉक कर दी गई है। अब ये ऑपरेटर भविष्य में किसी भी सरकारी काम का हिस्सा नहीं बन पाएंगे।
चेतावनी के बाद भी कर रहे थे वसूली
महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती गुरूप्रीत कौर ने बताया कि जिले के सभी वीएलई को पहले ही सख्त निर्देश दिए गए थे कि ई-केवाईसी का काम पूरी तरह नि:शुल्क है। ट्रेनिंग के दौरान चेतावनी दी गई थी कि यदि किसी ने भी सेवा शुल्क या अवैध राशि मांगी, तो सीधा आईडी ब्लॉक कर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। इसके बावजूद कुछ ऑपरेटरों द्वारा अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थीं।
30 जुलाई तक का है समय, घबराएं नहीं
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी के लिए 30 जुलाई तक का पर्याप्त समय है। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान भी पात्र महिलाओं के खातों में योजना की राशि पहले की तरह आती रहेगी। इसलिए किसी भी बिचौलिए या ऑपरेटर को पैसे देने की जरूरत नहीं है।
कार्रवाई के 3 बड़े बिंदु:
आईडी ब्लॉक: शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए 9 वीएलई को पोर्टल से बाहर कर दिया गया है।
ब्लैकलिस्ट: इन ऑपरेटरों को भविष्य में लोक सेवा केंद्र या किसी भी विभागीय कार्य से हमेशा के लिए दूर रखने (विलग करने) की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सतत निगरानी: शिविरों की निगरानी के लिए प्रदेश स्तरीय टीम और विभाग के अधिकारी लगातार फील्ड पर निरीक्षण कर रहे हैं।
पारदर्शिता से समझौता नहीं
“हमें कुछ वीएलई द्वारा राशि मांगने की शिकायत मिली थी, जिस पर गंभीरता से कार्रवाई की गई है। जनकल्याणकारी योजनाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।”
— श्रीमती गुरूप्रीत कौर, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग।

