राजनांदगांव। जिले में जनगणना 2027 के प्रथम चरण की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। गुरुवार को अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय और राज्य स्तरीय जनगणना टीम ने विभिन्न ग्रामों का सघन दौरा कर मकान सूचीकरण और भवन गणना कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान टीम ने प्रगणकों द्वारा मोबाइल ऐप के माध्यम से की जा रही प्रविष्टियों और डेटा की गुणवत्ता का बारीकी से निरीक्षण किया।
ऐप के जरिए डिजिटल एंट्री, 30 मई तक चलेगा अभियान
जिले में जनगणना के लिए कुल 1608 जनगणना ब्लॉक बनाए गए हैं। यहां 1 मई से शुरू हुआ मकान सूचीकरण और भवन गणना का कार्य 30 मई 2026 तक चलेगा। निरीक्षण के दौरान टीम ने देखा कि प्रगणक मोबाइल ऐप के माध्यम से जीआईएस (GIS) आधारित घर संख्या अंकन और डेटा एंट्री कर रहे हैं। अधिकारियों ने प्रगणकों से जानकारी संकलन की प्रक्रिया के बारे में पूछताछ की और तकनीकी बारीकियों को समझा।
समय-सीमा में सटीक डेटा संकलन के निर्देश
अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय ने फील्ड में तैनात प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि मकान सूचीकरण का कार्य निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत पूर्ण किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि:
सभी प्रविष्टियां सटीक और त्रुटिरहित होनी चाहिए।
यही डेटा भविष्य में होने वाली मुख्य जनगणना का आधार बनेगा, इसलिए इसमें कोई चूक न हो।
पर्यवेक्षक प्रतिदिन फील्ड मॉनिटरिंग करें और डेटा की गुणवत्ता सुनिश्चित करें।
राज्य स्तरीय टीम ने की सराहना
निरीक्षण के लिए पहुंची राज्य स्तरीय टीम ने राजनांदगांव जिले में डिजिटल माध्यम से किए जा रहे कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता की सराहना की। टीम ने कुछ आवश्यक तकनीकी सुझाव भी दिए ताकि डेटा प्रविष्टि में किसी प्रकार की कठिनाई न आए। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल जनगणना से सटीकता बढ़ेगी और मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी।
पारदर्शिता पर जोर
जिला प्रशासन के अनुसार, जनगणना का यह प्रारंभिक चरण पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता का आधार है। इसलिए मकान सूचीकरण और भवन गणना कार्य को अत्यंत गंभीरता और सावधानी के साथ संपादित करने को कहा गया है।

