प्रशासनिक कसावट : अब कलेक्टर करेंगे रीडर्स के कामकाज की समीक्षा, कम समय की पेशी देने के निर्देश

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राजनांदगांव। जिला प्रशासन ने प्रशासनिक और न्यायालयीन कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए एक नई और अभिनव पहल शुरू की है। अब जिला न्यायालय से लेकर नायब तहसीलदार न्यायालय तक के रीडर्स की कार्यप्रणाली की नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने शनिवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सभी रीडर्स की बैठक लेकर उन्हें लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के कड़े निर्देश दिए।

अनावश्यक न टालें मामले, कम अवधि की दें तारीख
बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि न्यायालयों में प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने रीडर्स को निर्देशित किया कि सुनवाई के लिए यथासंभव कम अवधि की तिथि (पेशी) निर्धारित की जाए, ताकि प्रकरणों का निष्पादन जल्द हो सके। कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक मामले में सभी पक्षों को सुनकर साक्ष्यों के आधार पर समयबद्ध तरीके से आदेश पारित करना सुनिश्चित करें।

नागरिकों से अच्छा व्यवहार और बेहतर मॉनिटरिंग
कलेक्टर ने तहसील कार्यालयों में आने वाले पक्षकारों और नागरिकों के साथ शालीन व्यवहार बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि कार्यालय पहुंचने वाले लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और उन्हें सही मार्गदर्शन दें। न्यायालयीन कार्यवाही में जवाबदेही तय करने के लिए अब हर स्तर पर कार्यों की डिजिटल और भौतिक मॉनिटरिंग की जाएगी।

बेहतर कार्य करने वाले होंगे सम्मानित
प्रशासन ने कर्मचारियों का उत्साह बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन की भी घोषणा की है। कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि आने वाले समय में जो रीडर्स और कर्मचारी न्यायालयीन कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाएंगे, उन्हें जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

बैठक में अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर प्रेमप्रकाश शर्मा सहित विभिन्न न्यायालयों के रीडर्स और संबंधित राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।

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