राजनांदगांव। महात्मा गांधी के शब्द याद आते हैं : ‘किसी राष्ट्र की महानता और उसकी नैतिक प्रगति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह अपने पशुओं के साथ कैसा व्यवहार करता है।’ इसी संदेश को जीवंत करते हुए पशु चिकित्सक जिले में पशु स्वास्थ्य और कल्याण के लिए निरंतर काम कर रहे हैं।
पशु चिकित्सक न केवल पालतू और पशुधन का इलाज करते हैं, बल्कि वन्यजीव और समुद्री जीवों की सुरक्षा, निवारक चिकित्सा, वैज्ञानिक अनुसंधान और शिक्षा के माध्यम से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा पहलों में भी योगदान देते हैं।
डॉ. तरुण रामटेके, प्रभारी वेटरनरी सर्जन, जिला पशु चिकित्सालय, लगातार ऑपरेशन कर रहे हैं। उनका प्रयास है कि पशु सही समय पर इलाज पाए। दुर्घटनाग्रस्त और घायल पशुओं का ऑपरेशन गौ आरोग्य केंद्र मोहारा में कर उनकी जान बचाई जा रही है। प्रसव पीड़ा से गुजर रहे पशुओं को तत्काल ऑपरेशन कर बछड़ा और मां दोनों की जान सुरक्षित की जाती है।
अब तक डॉ. रामटेके द्वारा लगभग 200 छोटे और बड़े पशुओं का सफल ऑपरेशन किया जा चुका है। इसके कारण अब पशुपालकों को ऑपरेशन के लिए शहर से बाहर नहीं जाना पड़ता। डॉग लवर ग्रुप से जुड़कर उन्होंने 32 मादा स्वान का स्पाईनिंग (बधियाकरण) भी किया है।
जिला पशु चिकित्सालय में अब सभी प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध है। सीबीसी, एलएफटी और केएफटी जैसी जांचों से पशुपालकों को अपने पशुओं के इलाज में मदद मिल रही है।
पशु चिकित्सकों की ये सेवाएं न केवल पशुओं के जीवन की रक्षा करती हैं, बल्कि समाज में पशु कल्याण और जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता भी बढ़ाती हैं।

