राजनांदगांव। थाना बसंतपुर पुलिस ने एक बार फिर अपने मानवीय दृष्टिकोण का परिचय देते हुए मानसिक रूप से विक्षिप्त युवती को सकुशल उसके माता-पिता के सुपुर्द किया।
जानकारी के अनुसार, दिनांक 13 मार्च 2026 की रात लगभग 10.30 बजे धर्मेन्द्र सिंह ठाकुर, निवासी राजीवनगर ने डायल-112 पर सूचना दी कि एक मानसिक रूप से अस्थिर युवती जिला अस्पताल मंडी के पास बैठी हुई है। सूचना मिलते ही आरक्षक रविकांत धृतलहरे और चालक मौके पर पहुंचे और धर्मेन्द्र सिंह ठाकुर के सहयोग से युवती को सुरक्षित थाना बसंतपुर लाया गया।
थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू ने युवती हरिता (18 वर्ष) का विवरण लिया, जिसने अपने पिता धुलेन्द्र हल्बा और निवास ग्राम अण्डी, थाना डौण्डी लोहारा, जिला बालोद होने की जानकारी दी। जांच में पता चला कि हरिता पिछले आठ दिनों से अपने घर से बाहर भटक रही थी और इससे पहले भी कई बार बिना बताए घर से चली जाती रही है।
फौरन ही कंट्रोल रूम राजनांदगांव के माध्यम से थाना डौण्डी लोहारा के कोटवार पूनाराम से संपर्क किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस संबंध में अवगत कराया गया। पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुश्री अंकिता शर्मा के मार्गदर्शन मेंए थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू की अगुवाई में युवती को रात 1 बजे उसके गृहग्राम अण्डी, जिला बालोद पहुंचाया गया और माता-पिता के सुपुर्द किया गया।
युवती को सुरक्षित पाकर श्रीमती भगवती ठाकुर ने राजनांदगांव पुलिस की इस मानवीय कार्यवाही की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक महोदया के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
इस कार्यवाही में निरीक्षक एमन साहू, सउनि मनमोहन साहू, आरक्षक अतहर अली, आरक्षक रविकांत धृतलहरे, महिला आरक्षक संतोषी मानिकपुरी और धर्मेन्द्र सिंह ठाकुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
राजनांदगांव पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इसी तरह सहयोग की भावना बनाए रखें और किसी भी संकट की स्थिति में पुलिस को सूचित करें।

