राजनांदगांव। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार द्वारा रैंप योजना के तहत राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सुकुलदैहान में हथकरघा बुनकरों के लिए दो दिवसीय एडवांस प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण उन बुनकरों के लिए था जिन्होंने पहले तीन दिवसीय बुनियादी प्रशिक्षण प्राप्त किया था और जिन्होंने उद्यम पंजीकरण कराया था।
प्रशिक्षण का उद्देश्य पारंपरिक बुनकरों को नवीनतम तकनीकों से अवगत कराना था। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र और चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज द्वारा इस प्रशिक्षण का संचालन किया गया।
प्रशिक्षण के पहले दिन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और बिजनेस ब्रांडिंग पर जोर दिया गया। बुनकरों को ई-मार्केटप्लेस पर अपने उत्पादों की पंजीकरण प्रक्रिया से अवगत कराया गया, जिससे वे अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से अपने उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचा सकते हैं। इसके साथ ही, बिजनेस मॉडल तैयार करने और अपने ब्रांड की वैल्यू बढ़ाने के तरीके भी सिखाए गए।
प्रशिक्षण के दूसरे दिन बुनकरों को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत ऋण आवेदन प्रक्रिया और सब्सिडी के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा, एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत बुनकरों को अपने पारंपरिक उत्पादों को जिले की विशिष्ट पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
मास्टर ट्रेनर प्रकृति गौतम, भव्यजीत गौतम (जिला समन्वयक) और तुलेश्वर सार्वा द्वारा बुनकरों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। चॉइस कंसल्टेंसी ने जानकारी दी कि आयरन एवं स्टील सेक्टर से जुड़े उद्यमियों के लिए तीन दिवसीय सेक्टर स्पेसिफिक प्रशिक्षण का आयोजन जल्द किया जाएगा। इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले व्यक्ति जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र राजनांदगांव में संपर्क कर प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण कर सकते हैं।





