छुरिया में राजमिस्त्री संघ की विशाल पदयात्रा से गूंजा श्रमिकों के हक का मुद्दा, सात सूत्रीय मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित

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राजनांदगांव। श्रमिकों के अधिकार, सम्मान और कल्याण की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश ठेकेदार राजमिस्त्री मजदूर कल्याण संघ एवं राजमिस्त्री संघ की ओर से शुक्रवार को राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड में विशाल शांतिपूर्ण पदयात्रा निकाली गई। जनपद पंचायत से बाजार चौक तक निकली इस पदयात्रा में प्रदेशभर के पदाधिकारियों और श्रमिक प्रतिनिधियों की भागीदारी ने स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया। निर्माण श्रमिकों की सात सूत्रीय मांगों को लेकर निकली इस पदयात्रा की गूंज प्रदेश सरकार तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।

पदयात्रा के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने भवन निर्माण क्षेत्र में कार्यरत ठेकेदारों, राजमिस्त्रियों और मजदूरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। संगठन का कहना है कि प्रदेश के विकास में निर्माण श्रमिकों की अहम भूमिका है, लेकिन अनेक श्रमिक आज भी आर्थिक असुरक्षा, मजदूरी विवाद और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को श्रमिकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर ठोस निर्णय लेना चाहिए।

सात सूत्रीय मांगों से सरकार का ध्यान खींचा

संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में सात प्रमुख मांगें रखीं। इनमें पूर्व में जारी श्रमिक कार्डों का पुनः सत्यापन, नए श्रमिक पंजीयन से पहले वास्तविक कार्यस्थल का निरीक्षण, ठेकेदारों और श्रमिकों के बीच मजदूरी विवादों के निराकरण के लिए वैधानिक व्यवस्था तथा पंजीकृत श्रमिक संगठनों को 50 लाख रुपये तक के सरकारी निर्माण कार्य आवंटित करने की मांग शामिल है।

इसके साथ ही शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के अंतर्गत संचालित दाल-भात केंद्रों का संचालन पंजीकृत श्रमिक संघों को सौंपने, श्रमायुक्त की अध्यक्षता में वर्ष में कम से कम एक बार श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित करने और प्रदेश के प्रत्येक जिले में श्रमिक सदन बनाने की मांग भी उठाई गई।

संघ का कहना है कि इन मांगों पर अमल होने से श्रमिकों की समस्याओं को सुनने, उनके विवादों का समाधान करने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

प्रदेशभर के पदाधिकारी हुए शामिल

छुरिया में आयोजित इस पदयात्रा में संघ के प्रदेश संरक्षक सागर मोंगरे, प्रदेश अध्यक्ष अशोक पटेल, प्रदेश महामंत्री तिलक देवांगन, प्रदेश कोषाध्यक्ष मृत्युंजय भगत, प्रदेश उपाध्यक्ष द्वय जमुना प्रसाद राजवाड़े एवं ईश्वर साहू प्रमुख रूप से शामिल रहे।

इसके अलावा प्रदेश मंत्री कपिल नाथ योगी, तिलक यादव, हरीराम सिन्हा, प्रदेश संगठन मंत्री बलेश्वर पटेल एवं नरेंद्र प्रजापति, छुरिया इकाई अध्यक्ष योगीराम पटेल तथा मीडिया प्रभारी रूपलाल वर्मा ने भी पदयात्रा में सहभागिता निभाई।

प्रदेशभर से पदाधिकारियों की मौजूदगी ने इस आयोजन को संगठनात्मक एकजुटता का संदेश देने वाला कार्यक्रम बना दिया। जनपद पंचायत से बाजार चौक तक निकली पदयात्रा के माध्यम से संघ ने स्पष्ट किया कि निर्माण श्रमिकों की समस्याओं को लेकर संगठन एकजुट है और उनकी मांगों को शासन के सामने लगातार उठाता रहेगा।

श्रमिकों को सम्मान और न्याय दिलाना उद्देश्य

संघ ने ज्ञापन की प्रतिलिपि केंद्रीय श्रम मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन के श्रम मंत्री, श्रमायुक्त तथा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष को भी भेजने की बात कही है। संगठन की मांग है कि श्रमिक कल्याण योजनाओं की नियमित समीक्षा हो और पंजीयन से लेकर मजदूरी विवादों के निपटारे तक पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए।

पदयात्रा के जरिए संघ ने सरकार के सामने यह सवाल भी रखा कि प्रदेश के निर्माण कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले श्रमिकों को उनका अधिकार, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कब ठोस कदम उठाए जाएंगे।

अब सबकी निगाहें राज्य सरकार के निर्णय पर टिकी हैं। छुरिया से उठी श्रमिकों के हक की यह आवाज सात सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई की उम्मीद के साथ राजधानी तक पहुंचाने का प्रयास है। संगठन को भरोसा है कि सरकार श्रमिकों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए सकारात्मक पहल करेगी।

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