मोहला। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला पोषण समिति की बैठक एवं एक दिवसीय संयुक्त कार्ययोजना कार्यशाला आयोजित की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, सीएमएचओ श्री विजय खोबरागड़े, महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री सीएस मिश्रा सहित स्वास्थ्य और महिला-बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
एनीमिया, कुपोषण और बाल मृत्यु दर घटाने पर विशेष जोर
बैठक में गर्भवती माताओं और छह वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण पर फोकस किया गया। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने कहा कि सभी स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध, प्रभावी और समन्वित ढंग से किया जाना चाहिए।
संयुक्त रणनीति और समन्वय पर बल
कार्यशाला में गर्भवती और धात्री महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य निगरानी, एनीमिया की समय पर जांच और उपचार, कुपोषित बच्चों की शीघ्र पहचान और प्रबंधन, शिशु एवं बाल आहार व्यवहार को प्रोत्साहित करने पर विशेष चर्चा हुई। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग और महिला-बाल विकास विभाग को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय और संयुक्त उत्तरदायित्व के साथ निर्धारित कार्ययोजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करें।
प्राथमिकता – प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना था कि इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार होगा, एनीमिया और कुपोषण में कमी आएगी और बाल मृत्यु दर पर नियंत्रण सुनिश्चित होगा।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला पोषण समन्वयक, खंड चिकित्सा अधिकारी, परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास सेवा, मितानिन जिला समन्वयक, विकासखंड समन्वयक सहित जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने सभी अधिकारियों को जिले में मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के समन्वित और प्रभावी कार्यान्वयन का दायित्व सौंपते हुए जोर दिया कि प्रत्येक बच्चे और मां तक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं समय पर पहुँचें।

