राजनांदगांव। वार्ड नंबर-3 मोतीपुर की निवासी श्रीमती मधु वर्मा ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों का घर पाया है। पति के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। दो बेटियों के पालन-पोषण के लिए वे एक निजी स्कूल में रसोइया के रूप में काम करती रही हैं।
किराए के मकान में रहने के दौरान आर्थिक तंगी उनका हमेशा साथ रही। श्रीमती मधु बताती हैं कि स्कूल में छुट्टियों के दिनों में आय कम हो जाती थी, जिससे किराया देने की चिंता बनी रहती थी। अक्सर उन्हें डर रहता था कि समय पर किराया न देने पर मकान मालिक घर खाली करने के लिए न कह दें। ऐसे में अपने सपनों के घर की कल्पना ही उनके लिए सहारा बन गई।
बड़ी बेटी सुजाता की नौकरी से थोड़े-थोड़े पैसे बचाकर मां-बेटी ने एक छोटा सा भूखंड खरीदा। इसके बाद श्रीमती मधु ने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत आवेदन किया। कुछ ही दिनों में उनके आवास निर्माण की स्वीकृति मिल गई और पूरे परिवार ने उत्साह के साथ घर निर्माण की शुरूआत की।
वास्तुविद के मार्गदर्शन में उनका घर जल्दी ही तैयार हो गया। आज श्रीमती मधु अपने टाइल्स से सजे, सर्वसुविधायुक्त पक्के घर में रहते हुए गर्व और संतोष का अनुभव कर रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
श्रीमती मधु वर्मा का यह अनुभव यह साबित करता है कि प्रधानमंत्री आवास योजना न केवल मकान देती है बल्कि जीवन में नई उम्मीद और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी देती है।

