राजनांदगांव। नवरात्र एवं दशहरा जैसे प्रमुख हिंदू पर्वों के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक पूरक परीक्षा आयोजित करने के निर्णय का विरोध जोर पकड़ता जा रहा है। छात्र नेताओं ने इसे छात्रों की धार्मिक भावनाओं के खिलाफ बताते हुए परीक्षा तिथियों को त्योहारों के बाद करने की मांग की है।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋषि शास्त्री के नेतृत्व में छात्र नेताओं ने इस निर्णय का विरोध किया। उनका कहना है कि अष्टमी, नवमी और दशहरे जैसे पावन पर्वों पर परीक्षा आयोजित करना अनुचित है। छात्रों को इन पर्वों के दौरान मानसिक रूप से शांत व पारिवारिक और धार्मिक गतिविधियों में सम्मिलित होने का अवसर मिलना चाहिए।
ज्ञापन लेने से प्राचार्य ने किया इनकार, कार्यालय में किया गया चस्पा
NSUI जिला अध्यक्ष अमर झा ने बताया कि उन्होंने कुलपति के नाम लीडिंग कॉलेज के प्राचार्य को ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया, लेकिन प्राचार्य ने ज्ञापन लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद छात्रों ने विरोधस्वरूप ज्ञापन को कॉलेज कार्यालय में चस्पा कर दिया।
अधिकारियों पर गंभीर आरोप, FIR की धमकी का आरोप
NSUI प्रदेश महासचिव राजा यादव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब प्रदेश में अधिकारियों को ज्ञापन देना भी अपराध बन गया है। ज्ञापन देने पर FIR की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि NSUI कार्यकर्ता छात्रों के हित के लिए जेल जाने को भी तैयार हैं।
तहसीलदार के हस्तक्षेप से सुलझा मामला
विवाद बढ़ता देख नायब तहसीलदार ने हस्तक्षेप किया और छात्र नेताओं से ज्ञापन की द्वितीय प्रति लेकर शासन को उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अभिमन्यु मिश्रा एवं हर्ष खोबरागड़े ने बताया कि तहसीलदार के समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।
छात्र हित में निर्णय की मांग
NSUI प्रदेश सचिव शुभम प्रजापति एवं राहुल साहू ने प्रशासन से मांग की है कि छात्रों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए परीक्षा तिथि में संशोधन किया जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा पर्वों के बाद आयोजित की जानी चाहिए, ताकि छात्र बिना तनाव के परीक्षा में शामिल हो सकें।
उक्त विरोध कार्यक्रम में NSUI जिला अध्यक्ष अमर झा, प्रदेश महासचिव राजा यादव, पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री, अभिमन्यु मिश्रा, हर्ष खोबरागड़े, शुभम प्रजापति, राहुल साहू, वेदांश शर्मा, मिथलेश चंदेल, संदीप सोनी, प्रदीप साहू सहित कई छात्र नेता मौजूद रहे।

