
0 रेत, मुरूम और शराब माफियाओं का आतंक
राजनांदगांव। प्रदेश में लगातार बढ़ते आपराधिक मामलों पर चिंता जताते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता कमलजीत सिंह पिंटू ने विष्णु देव साय सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में रेत, शराब माफियाओं, गांजा तस्कर, गौ तस्करों को सरकर का सीधा संरक्षण दिखाई देता है। प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन हो रहा है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की संलिप्त के मामले भी आ रहे हैं, लेकिन प्रदेश की सरकार कार्रवाई करना छोड़ खनिज और शराब माफियाओं को बचाने में जोर लगा रही है । निचले स्तर के लोगों पर कार्रवाई कर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है और मुख्य सरगना को पकड़ने में पुलिस, प्रशासन और शासन के हाथ कांप रहे हैं। राजनांदगांव के मोहड़ वार्ड में हुए गोलीकांड के मामले में पुलिस ने अब तक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है, क्योंकि उसके भारतीय जनता पार्टी से जुड़े होने की जानकारी सामने आ रही है। गोली चलाने वाले को पकड़ा गया है लेकिन गोली चलवाने वाले सरगना को किसका संरक्षण मिल रहा है यह बड़ा सवाल है। इस मामले में राजनांदगांव के खनिज अधिकारी प्रवीण चंद्राकर और सोमनी टीआई को निलंबित करने से साफ जाहिर होता है कि प्रशासनिक अधिकारियों की मिली भगत से अवैध उत्खनन हो रहा है, लेकिन इन अधिकारियों और माफिया को संरक्षण भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता दे रहे हैं। गृह मंत्री के प्रभार जिले में ग्रामीणों पर गोली चलाने की हिम्मत करना बिना राजनीतिक संरक्षण के संभव नहीं है। इस मामले में गृह मंत्री विजय शर्मा की चुप्पी से समझा जा सकता है कि वह अपने प्रभार क्षेत्र की जनता के लिए कितना गंभीर है।
कांग्रेस प्रवक्ता श्री पिंटू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है, अफसरशाही बेलगाम हो गई है और रेत, मुरूम, शराब तथा भू-माफियाओं का राज व आतंक चरम सीमा पर पहुंच गया है। गरीबों और मजदूरों की सुनने वाला कोई नहीं है। प्रदेश में माफिया राज इस कदर बढ़ गया है कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भी इस घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को फटकार लगाई है।
0 सुशासन तिहार ढोंग
प्रदेश प्रवक्ता कमलजीत पिन्टू ने भाजपा सरकार के “सुशासन तिहार” पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा सरकारी पैसों से शिविरों के बहाने शाही भोज कर सिर्फ पिकनिक मनाई जा रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास को लेकर गांव-गांव में नेता केवल ढिंढोरा पीट रहे हैं। सच्चाई यह है कि हितग्राही निर्माण कराने से कर्ज में डूब रहे हैं। भाजपा सरकार गरीबों की नहीं, माफियाओं की हमदर्द बनी हुई है। उन्होंने भाजपा नेताओं से सवाल पूछा कि क्या गरीबों के साथ केवल मंच साझा कर लेना ही उनकी जिम्मेदारी है? क्या सोशल मीडिया पर तस्वीरें डालकर ही जनसेवा हो जाती है? उन्होंने स्पष्ट किया कि असली जनसेवा तब होगी जब भाजपा के नेता मंत्री हर जरूरतमंद को सम्मान व सहायता दिलाएंगे। राजनांदगांव की घटना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चरमरा गई है और माफियाराज हावी हो गया है।
