राजनांदगांव/रायपुर में EOW का बड़ा एक्शन: ‘सन सिटी’ और रायपुर में तीन कारोबारियों के ठिकानों पर छापा, क्या 100 करोड़ की जमीन से जुड़ा है मामला?
EOW की एक साथ दबिश राजनांदगांव के पॉश इलाके ‘सन सिटी’ और रायपुर में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की बड़ी कार्रवाई।
राजनांदगांव के जाने-माने कारोबारी जय बग्गा, वैभव गोलछा और रायपुर के एक पार्टनर के ठिकानों पर छापेमारी।
वैभव गोलछा को रायपुर ले जाने की तैयारी
जितेंद्र जैन जीतू
राजनांदगांव / 30 अक्टूबर 26
राजनांदगांव शहर के प्रतिष्ठित और पॉश इलाके के रूप में पहचानी जाने वाली ‘सन सिटी’ कॉलोनी सहित रायपुर में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की एक बड़ी और गोपनीय कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारों और व्यापारिक जगत में हड़कंप मच गया है। शुक्रवार सुबह लगभग 8 से 10 अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीमों ने राजनांदगांव और रायपुर में एक साथ औचक दबिश दी।
सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, EOW द्वारा जिन तीन प्रमुख ठिकानों पर एक साथ यह कार्रवाई शुरू की गई है, वे सभी आपस में व्यावसायिक पार्टनर (साझेदार) बताए जा रहे हैं। राजनांदगांव की वीआईपी कॉलोनी ‘सन सिटी’ के रहवासी वैभव गोलछा के अलावा, शहर के जाने-माने कारोबारी जय बग्गा के ठिकानों पर EOW की टीम ने एक साथ धावा बोला है। इसके साथ ही रायपुर स्थित एक पाटर्नर के ठिकाने में भी यह कार्रवाई समानांतर रूप से चल रही है।
सुबह-सुबह भारी अमले और प्रशासनिक गाड़ियों के साथ EOW की टीम के पहुंचने से सन सिटी कॉलोनी के रहवासियों में सनसनी फैल गई। कई लोग अपने घरों से बाहर निकलकर स्थिति का जायजा लेते नजर आए। टीम ने संबंधित परिसरों को अपने घेरे में लेकर अंदर प्रवेश किया और दस्तावेजों, बैंक खातों तथा वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए किसी भी बाहरी व्यक्ति या मीडियाकर्मी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई है।
छुरिया की 200 एकड़ जमीन से जुड़े हैं तार
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह पूरी जांच छुरिया क्षेत्र में लगभग 200 एकड़ जमीन की खरीदी-बिक्री से संबंधित है। चर्चा है कि इस जमीन को करीब 100 करोड़ रुपये में बेचा गया था। इस हाई-प्रोफाइल सौदे में राजनांदगांव के कारोबारी जय बग्गा, वैभव गोलछा और रायपुर के एक पाटर्नर के शामिल होने की बात सामने आ रही है, जिनकी वित्तीय गतिविधियों पर अब EOW की पैनी नजर है।
कार्रवाई इतनी गोपनीय तरीके से की गई है कि स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी फिलहाल इस पर खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। माना जा रहा है कि दस्तावेजों की छानबीन, पूछताछ और जब्ती की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही EOW की इस उच्च-स्तरीय कार्रवाई के वास्तविक कारणों और वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़े बड़े खुलासों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। EOW के सूत्रों के अनुसार, देर शाम तक इस मामले में विभाग की ओर से एक विस्तृत प्रेस नोट जारी किए जाने की संभावना है।




