सुरक्षित बचपन अभियान का हुआ शुभारंभ

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सुरक्षित बचपन अभियान का हुआ शुभारंभ

राजनांदगांव 26 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशन तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के मागदर्शन में सुरक्षित बचपन अभियान ए पैन इंडिया स्कूल अवेयरनेस कैंपेन ऑन द प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फाम सेक्सुअल ऑफेन्स एक्ट 2012 का प्रारंभ किया गया है। प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश श्री विजय कुमार होता के निर्देशन में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विद्यालयों में विशेष विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। सुरक्षित बचपन अभियान के प्रथम चरण अंतर्गत 26 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विद्यालय में शिविर का आयोजन किया जाएगा। 
इसी अनुक्रम में सुरक्षित बचपन अभियान अंतर्गत 26 अक्टूबर 2026 को ठाकुर प्यारे लाल सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजनांदगांव में विशेष विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी राजनांदगांव श्री पार्थ दुबे वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। न्यायाधीश ने अपने व्यक्तव्य में कहा कि प्रत्येक विद्यार्थियों को अपनी व्यक्तिगत सीमाओं एवं सुरक्षित व असुरक्षित व्यवहार की समझ होनी चाहिए। किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में बिना डर के अपने अभिभावकों या शिक्षकों को तुरंत सुचित करना चाहिए। आज के युग में ऑनलाईन खतरों एवं साइबर अपराधों से खुद को सुरक्षित रखें। किसी भी गलत आचरण एवं उत्पीडऩ के खिलाफ तुरंत आवाज उठाएं। आपातकालीन स्थितियों में तुरंत विधिक सहायता नालसा हेल्प लाइन 15100 एवं चाईल्ड हेल्प लाइन 1098 में सम्पर्क करें। उन्होंने बच्चों से कहा कि अगर ऐसा कोई अनुचित व्यवहार आपके साथ किया जाता है तो तत्काल ही अपने माता-पिता को जानकारी दे, ताकि तात्कालिक रूप से उचित कार्रवाई की जा सके। इस अभियान में बच्चों के मन से इस डर को निकालना एवं विश्वास दिलाना है कि कोई भी ऐसा सिक्रेट जो आपको डराता हो उसे छिपाना नहीं है। माता-पिता एवं शिक्षक हमेशा उनके साथ है।
इस तरह सुरक्षित बचपन अभियान के तहत डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र शासकीय हायर सेकेन्ड्री स्कूल बसंतपुर राजनांदगांव में विधि सारथी (युवा अधिवक्ता) श्री नीतिन साहू एवं श्री रवि पित्रोड़ा द्वारा छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट के बारे में जानकारी दी। जिसमें उम्र जेंडर न्युट्रल एवं 18 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ यौन अपराध, भले ही उसमें बच्चे के कथित सहमति ही क्यों न हो, सहमति का कोई महत्व नहीं है। इसमें सजा के प्रावधान का उल्लेख किया गया एवं साइबर अपराधों के बारे में भी अपने बचपन को सुरक्षित करने हेतु बताया। इस दौरान सहयोग हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव से अधिकार मित्र श्री हेमन कुमार जामुरिया उपस्थित थे।
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