सरकार धान खरीदी 1 नवंबर से शुरू करें – भागवत साहू
➡️ कहा – हरुना धान की कटाई मिंजाई कर घर में रखना हो रहा है मुश्किल
राजनांदगांव ।
जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के पूर्व अध्यक्ष भागवत साहू ने प्रदेश सरकार से धान खरीदी की शुरुआत 15 नवंबर के बजाय 1 नवंबर से करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनेक किसान अरुना धान की कटाई और मिंजाई का काम पूरा कर चुके हैं। इसके बावजूद धान खरीदी शुरू होने का इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में किसानों के सामने अपनी उपज को सुरक्षित रखने और उसके भंडारण की समस्या खड़ी हो रही है। सरकार को किसानों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए 1 नवंबर से ही धान खरीदी शुरू करनी चाहिए ताकि उन्हें समय पर अपनी मेहनत की उपज का उचित मूल्य मिल सके।
श्री साहू ने कहा कि किसान पूरे साल कड़ी मेहनत करके धान की फसल तैयार करते हैं। खेती में बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी सहित कई तरह के खर्च करने पड़ते हैं। फसल तैयार होने के बाद किसान को उम्मीद रहती है कि धान बेचकर उसे आर्थिक राहत मिलेगी और परिवार की जरूरतें पूरी हो सकेंगी। लेकिन धान खरीदी में देरी होने से किसानों को अपनी उपज घर तक पहुंचाने और सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। श्री साहू ने कहा कि कई किसानों ने अरुणा धान की कटाई-मिंजाई पूरी कर ली है, लेकिन खरीदी शुरू नहीं होने के कारण उन्हें धान को खुले में रखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मौसम में बदलाव, बेमौसम बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण धान के खराब होने का खतरा बना रहता है। वहीं, खुले में रखी फसल को आवारा मवेशियों से बचाना भी किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी मेहनत से तैयार की गई फसल को सुरक्षित रखने के लिए दिन-रात चिंता करते हैं। यदि समय पर धान की खरीदी शुरू हो जाए, तो किसानों को अपनी उपज के सुरक्षित रखरखाव की चिंता से काफी हद तक राहत मिल सकती है। सरकार को किसानों की इन व्यावहारिक समस्याओं को समझते हुए खरीदी की तारीख आगे बढ़ाने के बजाय 1 नवंबर से ही धान खरीदी की व्यवस्था करनी चाहिए। श्री साहू ने कहा कि दिवाली खुशियों और उत्साह का पर्व है। किसान भी अपने परिवार के साथ इस त्योहार को अच्छे से मनाना चाहते हैं। यदि सरकार 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करती है तो किसानों को अपनी उपज बेचने का अवसर समय पर मिल सकेगा और नियमानुसार भुगतान मिलने पर दिवाली से पहले उनके हाथों में नगद राशि आने की संभावना बनेगी। इससे वे त्योहार की आवश्यक खरीदारी कर सकेंगे और अपने परिवार के साथ दिवाली की खुशियां बांट सकेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति और त्योहार की जरूरतों को देखते हुए सरकार को धान खरीदी की तारीख पर पुनर्विचार करना चाहिए। समय पर खरीदी शुरू होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उन्हें आर्थिक प्रबंधन में भी सुविधा होगी। श्री साहू ने प्रदेश सरकार से मांग की कि किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 15 नवंबर के बजाय 1 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। जब किसान अपनी फसल तैयार कर चुके हैं, तब खरीदी में देरी से उन्हें अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार किसानों की मांग पर गंभीरता से विचार करेगी और धान खरीदी जल्द शुरू करने के संबंध में उचित निर्णय लेगी, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने, उसे सुरक्षित रखने और त्योहार की तैयारियां करने में राहत मिल सके।





