राजनांदगांव के 10 प्रमुख उद्योगों ने अपनाई सौर ऊर्जा, 53 मेगावॉट से अधिक क्षमता के सोलर प्लांट स्थापित

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राजनांदगांव। राजनांदगांव जिला सौर ऊर्जा के उपयोग और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ जिले के औद्योगिक संस्थान भी स्वच्छ ऊर्जा को अपनाकर इस अभियान में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहे हैं। जिले के 10 प्रमुख औद्योगिक संस्थानों द्वारा अपने परिसरों में लगभग 53.03 मेगावॉट क्षमता के सोलर प्लांट स्थापित किए गए हैं।

सौर ऊर्जा से उत्पादित बिजली का उपयोग औद्योगिक गतिविधियों में किए जाने से परंपरागत बिजली की खपत और बिजली बिल में भारी कमी आ रही है। इसके साथ ही कार्बन उत्सर्जन घटने से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण मदद मिल रही है।

प्रमुख उद्योगों में स्थापित सोलर क्षमता
जिले के प्रमुख औद्योगिक संस्थानों में सौर ऊर्जा के उपयोग को लेकर उत्साहजनक पहल की गई है। प्रमुख इकाइयों में स्थापित क्षमता इस प्रकार है:

हीरा स्टील, खैरझीटी: 17 मेगावॉट

एबीस एक्सपोर्ट प्रा. लि., बड़भूम डोंगरगांव: 15 मेगावॉट

डोंगरगांव पेपर मिल: 11 मेगावॉट

राजाराम मेज प्रोडक्ट: 8 मेगावॉट

सिम्प्लेक्स इंजीनियरिंग प्रा. लि.: 660 किलोवॉट

धनलक्ष्मी पेपर मिल, डोंगरगांव: 650 किलोवॉट

क्रेस्ट स्टील एण्ड पॉवर प्रा. लि.: 300 किलोवॉट

बरार इंडिया प्रा. लि.: 150 किलोवॉट

यूनीफैब्स स्लीपर प्रा. लि., डोंगरगढ़: 145 किलोवॉट

श्रीराम सीमलेश प्रा. लि.: 125 किलोवॉट

आर्थिक बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण
औद्योगिक परिसरों की छतों और उपलब्ध भूमि का उपयोग सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए किए जाने से संसाधनों का बेहतर उपयोग हो रहा है। दिन के समय उपलब्ध सौर ऊर्जा का सीधा उपयोग उत्पादन में होने से पावर ग्रिड से ली जाने वाली बिजली की मात्रा कम हुई है, जिससे उद्योगों की उत्पादन लागत को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है।

जिला प्रशासन और विद्युत विभाग की ओर से जिले में संचालित अन्य शेष औद्योगिक संस्थानों से भी अपील की गई है कि वे अपनी आवश्यकतानुसार परिसर में सोलर पैनल स्थापित कर हरित ऊर्जा अभियान का सहभागी बनें।

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