राजनांदगांव। जिले में मवेशी तस्करी और पशु क्रूरता के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत तुमड़ीबोड़ पुलिस चौकी को बड़ी सफलता मिली है। आयसर ट्रक में ठूंस-ठूंसकर मवेशियों को कत्लखाने ले जाने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे तीन आरोपियों को पुलिस ने घेराबंदी कर भिलाई से गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन के दिशा-निर्देशन में की गई। मामला बीते 10 जुलाई 2026 की तड़के का है, जब ग्राम खैरी से नेशनल हाईवे-53 की ओर जा रहे आयसर ट्रक (क्रमांक CG 04 PD 1178) में अवैध रूप से मवेशियों को भरकर बिना किसी अनुमति और दाना-पानी के महाराष्ट्र कत्लखाने ले जाया जा रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस ने पीछा किया, जिसके बाद आरोपी वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए थे।
13.85 लाख रुपये का माल हुआ था जब्त
घटनास्थल से पुलिस ने आयसर ट्रक सहित कुल 15 नग मवेशी (12 भैंस, 1 पड़िया, 1 पड़वा और 1 बिजाड़ भैंसा) जब्त किए थे। जब्त मवेशियों की कीमत करीब 3.85 लाख रुपये और आयसर ट्रक की कीमत 10 लाख रुपये मिलाकर कुल 13,85,000 रुपये का माल बरामद किया गया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
मुख्य चालक पहले ही भेजा जा चुका है जेल
मामले में फरार वाहन चालक संगीत मधुकर उर्फ टेटे को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि अन्य सहयोगी फरार चल रहे थे। 30 सितंबर को मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पावर हाउस भिलाई में दबिश देकर तीन अन्य आरोपियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
भरत निषाद (34 वर्ष) – निवासी इन्द्रनगर, हथखोज (भिलाई-03, दुर्ग)
शैलेन्द्र भारती (26 वर्ष) – निवासी ग्राम पथर्रा (भिलाई-03, दुर्ग)
मनोज सोनवानी (32 वर्ष) – निवासी खुर्सीपार (जिला दुर्ग)
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में तुमड़ीबोड़ चौकी प्रभारी उप निरीक्षक धनीराम नारंगे, प्रधान आरक्षक लोकनाथ वर्मा, जगत राम ठाकुर, आरक्षक मिथुन वर्मा, विकास राजेत्री एवं चौकी स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।


