राजनांदगांव। गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं के स्वास्थ्य तथा पोषण को सुदृढ़ बनाने में केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना’ वरदान साबित हो रही है। इस योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता से महिलाएं गर्भावस्था के दौरान अपने और अपने होने वाले शिशु के लिए पौष्टिक आहार का प्रबंध कर पा रही हैं। राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम ढारा की निवासी श्रीमती आरती टांडेकर की कहानी इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है।
श्रीमती आरती टांडेकर ने बताया कि जब वे पहली बार गर्भवती हुईं, तब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र में उनका पंजीयन किया गया। चौपाल और गृह भेट के माध्यम से उन्हें गर्भावस्था के दौरान सही खान-पान, नियमित जांच और स्वास्थ्य देखभाल की जानकारी दी गई। इसी दौरान उनका पंजीयन प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के अंतर्गत कराया गया।
योजना से मिला पौष्टिक आहार का आधार:
आरती ने बताया कि गर्भावस्था के चौथे महीने में उनका हीमोग्लोबिन स्तर घटकर मात्र 9 ग्राम रह गया था। परिवार की सीमित आय के कारण वे आवश्यक पौष्टिक खाद्य पदार्थ खरीदने में असमर्थ थीं। लेकिन प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के तहत मिली राशि ने उनकी इस समस्या का समाधान कर दिया। इस राशि से उन्होंने फल, हरी सब्जियां और पौष्टिक आहार खरीदना शुरू किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सलाह पर सही दिनचर्या अपनाने से नौवें माह तक उनका हीमोग्लोबिन बढ़कर 12 ग्राम हो गया।
स्वस्थ बिटिया को दिया जन्म:
समय पर सही पोषण मिलने के परिणामस्वरूप उन्होंने एक स्वस्थ बालिका को जन्म दिया, जिसका नाम ‘पूर्वी’ रखा गया। जन्म के समय पूर्वी का वजन 3 किलोग्राम था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन की लगातार निगरानी व पोषण संबंधी मार्गदर्शन से आज पूर्वी का वजन 12.800 किलोग्राम है और वह पूरी तरह स्वस्थ व सामान्य श्रेणी में है।
सरकार का जताया आभार:
योजना के माध्यम से मिली समय पर मदद के लिए आरती टांडेकर ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सहृदय आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ मां और बच्चे दोनों को एक स्वस्थ जीवन देने का काम कर रही है।


