राजनांदगांव। शहर की प्रमुख सड़कों और चौराहों पर आवारा मवेशियों के जमावड़े से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम सख्त हो गया है। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देश पर नगर निगम द्वारा विशेष धर-पकड़ और सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है। निगम आयुक्त जी.आर. मरकाम स्वयं मौके पर पहुंचकर अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
अभियान के तहत निगम की टीम ने नेहरू नगर, जी.ई. रोड, राम दरबार, पुराना बस स्टैंड, अंबेडकर चौक और मनोकामना भवन के पास से 11 आवारा मवेशियों को पकड़कर रेवाडीह स्थित कांजी हाउस भेजा। मवेशी मालिकों से प्रति मवेशी 570 रुपये का अर्थदंड वसूलने के बाद ही उन्हें छोड़ा जाएगा। इसके अलावा कांजी हाउस में रखे गए मवेशियों को एल.एस.डी. (लंपी स्किन डिजीज) का टीका भी लगाया गया।
दुर्घटना रोकने के लिए रेडियम पट्टी और टेप
रात के अंधेरे में मवेशी दुर्घटना का शिकार न हों, इसके लिए दो दिनों के भीतर लगभग 200 मवेशियों के गले में रेडियम पट्टी और सींगों पर रेडियम टेप लगाए गए हैं। साथ ही प्रतिदिन रात के समय प्रमुख मार्गों से मवेशियों को हटाने (हकालने) का काम भी किया जा रहा है।
आरोग्यम गौशाला में इलाज: नवागांव बीडी कॉलोनी के पास रेलवे लाइन में दुर्घटनाग्रस्त घायल मवेशी को उठाकर इलाज के लिए आरोग्यम गौशाला भेजा गया। निदान 1100 और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से मिली शिकायतों पर लखोली कुआं चौक, ममता नगर और बसंतपुर से भी मवेशी पकड़े गए हैं।
निगम आयुक्त की मवेशी मालिकों से अपील
निगम आयुक्त जी.आर. मरकाम ने पशुपालकों से अपील की है कि वे बारिश के मौसम में अपने मवेशियों को खुले में न छोड़ें और निर्धारित स्थान पर ही बांधकर रखें। मवेशियों को सड़कों पर लावारिस छोड़ने पर मालिकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करते हुए भारी जुर्माना वसूला जाएगा।


