मत्स्य पालक की मृत्यु पर आश्रित पत्नी को मिली 5 लाख की बीमा राशि, पीएमएमएसवाई बनी सहारा

अपने दोस्तों को शेयर करें :

राजनांदगांव। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) विपत्ति की घड़ी में मत्स्य पालकों और उनके परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। योजना के तहत मिलने वाले नि:शुल्क दुर्घटना बीमा के जरिए सड़क हादसे का शिकार हुए ग्राम पेंडरवानी (विकासखंड डोंगरगांव) निवासी मत्स्य पालक स्व. प्रदीप सतनामी के पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली है।

मिली जानकारी के अनुसार, मत्स्य पालन से जुड़े प्रदीप सतनामी की बीते दिनों एक सड़क दुर्घटना में असमय मृत्यु हो गई थी। कमाऊ सदस्य के चले जाने से परिवार के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। इस कठिन समय में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत बीमित होने के कारण उनकी आश्रित पत्नी श्रीमती मनिका सतनामी को सहायता प्रदान की गई। गो-डिजिटल इंश्योरेंस कंपनी के माध्यम से डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए सीधे उनके बैंक खाते में 5 लाख रुपये की बीमा राशि का भुगतान किया गया। इस सहायता से पीड़ित परिवार को भविष्य के लिए बड़ा संबल मिला है।

योजना में नि:शुल्क बीमा और 5 लाख तक की सहायता का प्रावधान
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत पात्र मत्स्य पालकों को राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी) हैदराबाद के माध्यम से गो-डिजिटल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा नि:शुल्क दुर्घटना बीमा का लाभ दिया जाता है। योजना में दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रितों को 5 लाख रुपये प्रदान किए जाते हैं। इसके अलावा स्थायी या आंशिक अपंगता की स्थिति में 2.50 लाख रुपये तथा दुर्घटना के बाद अस्पताल में भर्ती होने पर इलाज के लिए 25 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद का प्रावधान है।

अपने दोस्तों को शेयर करें :