राजनांदगांव। थाना सोमनी क्षेत्र के अंतर्गत टेडेसरा में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग लड़की को बंधक बनाकर दुष्कर्म करने और उसे आत्महत्या के लिए विवश करने वाले आरोपी ढाबा संचालक को पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। इसके साथ ही पुलिस ने क्षेत्र में वाद-विवाद करने वाले एक अन्य अनावेदक को भी प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।
कॉल सेंटर में काम करने आई थी पीड़िता, आरोपी ने बनाया हवस का शिकार
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता की मां ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी नाबालिग पुत्री करीब 2-3 महीने पहले टेडेसरा (राजनांदगांव) स्थित एक कॉल सेंटर में काम करने आई थी। इस दौरान वह टेडेसरा में रंजीत सिंह के ढाबे में रहती थी। पिछले करीब 15 दिनों से वह टेडेसरा में ही एक किराए के मकान में रहने लगी थी।
पीड़िता ने अपनी मां को बताया था कि ढाबा संचालक रंजीत सिंह उसके साथ लगातार मारपीट करता था और जबरन शारीरिक संबंध बनाता था। जब भी वह अपने घर जाने की बात कहती, तो आरोपी उसे कमरे में बंद कर देता था। इस प्रताड़ना और लोक-लाज के डर से तंग आकर नाबालिग पीड़िता ने आत्मघाती कदम उठाते हुए आत्महत्या कर ली।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में बनी टीम, महाराष्ट्र का है आरोपी
मामला नाबालिग बालिका से जुड़ा और बेहद गंभीर प्रकृति का होने के कारण पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा (IPS), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के निर्देशन व नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जैंडर के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी सोमनी निरीक्षक दिलीप पटेल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी रंजीत सिंह (22 वर्ष), पिता शीतल सिंह, निवासी ग्राम सौन्दर, थाना डुग्गीपार, जिला गोंदिया (महाराष्ट्र) को हिरासत में लिया। वर्तमान में आरोपी टेडेसरा स्थित पी.एन.आर. ढाबा (अरोरा फ्यूल्स) में रह रहा था। पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
प्रार्थी की शिकायत और तस्दीक के बाद सोमनी पुलिस ने आरोपी रंजीत सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 (दुष्कर्म), 127(2) (गलत तरीके से बंधक बनाना), 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 3, 4 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है।
कार्रवाई में इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस अंधे कत्ल और प्रताड़ना के मामले का त्वरित खुलासा करने में थाना प्रभारी सोमनी निरीक्षक दिलीप पटेल, उपनिरीक्षक बलदाऊ चंद्राकर, सहायक उपनिरीक्षक चैतुराम आर्य, प्रधान आरक्षक दुलेश्वर साहू, आरक्षक दिनेश वर्मा, मनोज हरमुख सहित थाना सोमनी के समस्त स्टाफ का महत्वपूर्ण एवं सराहनीय योगदान रहा।

