राजनांदगांव। राज्य सरकार द्वारा वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किए जा रहे ‘सुशासन तिहार’ के जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। छुरिया विकासखंड के सुदूर ग्राम जोब में आयोजित शिविर ऐसा ही एक सुखद अनुभव लेकर आया ग्राम की तीन महिलाओं— सुमीन तारम, सुशीला मंडावी और पंचवती तारम के जीवन में। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत शिविर में ही इनका ई-केवायसी (e-KYC) का कार्य बिना किसी परेशानी के तत्काल संपन्न हो गया, जिससे इनके चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई।
‘जंगल से लकड़ी लाने और धुएं के दर्द से मिली आजादी’
शिविर में ई-केवायसी कराने के बाद अपनी प्रसन्नता जाहिर करते हुए श्रीमती पंचवती तारम ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिलने से उनके जीवन की राह आसान हो गई है। उन्होंने कहा, “पहले जंगल से सूखी लकड़ियां बीनकर लाना पड़ता था। फिर चूल्हे पर खाना पकाते समय निकलने वाले धुएं से आंखें लाल हो जाती थीं और सांस लेना दूभर था। अब गैस चूल्हा मिलने से झटपट भोजन तैयार हो जाता है। समय की बड़ी बचत होती है, जिससे अब मैं अपने लिए भी समय निकाल पाती हूं, टीवी देख लेती हूं और समय पर खेतों में काम करने भी चली जाती हूं।”
महतारी वंदन और आयुष्मान कार्ड का भी मिल रहा लाभ
शिविर की सराहना करते हुए श्रीमती सुशीला मंडावी ने कहा कि उज्ज्वला योजना ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के लिए किसी बड़े उपहार से कम नहीं है। भोजन जल्दी बनने के कारण अब परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर प्रेम से भोजन करते हैं।
एक ही छत के नीचे कई काम:
सुशीला ने बताया कि यह शिविर गरीब और जरूरतमंदों के लिए बेहद मददगार है। यहां न केवल उज्ज्वला योजना, बल्कि महतारी वंदन योजना, आयुष्मान कार्ड और राशन कार्ड से जुड़े काम भी बेहद तेजी और सुगमता से किए जा रहे हैं।
हितग्राहियों ने जताया प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार
गैस कनेक्शन मिलने से उत्साहित सुमीन तारम ने भी कहा कि अब घर में खाना तुरंत बन जाता है, जिससे पूरा परिवार खुश है। तीनों ही महिला हितग्राहियों ने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का तहेदिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने सही मायनों में महिलाओं की तकलीफों को समझा है और उन्हें चूल्हे के जानलेवा धुएं से मुक्ति दिलाई है।

