जिला प्रशासन ने शाही संस्था को नोटिस जारी, भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप

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राजनांदगांव। जिला कौशल विकास प्राधिकरण के सहायक संचालक ने शाही नामक संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में आरोप है कि संस्था ने प्रशासनिक आदेशों की प्रत्यक्ष अवज्ञा की और हितग्राहियों की सुरक्षा, सत्यापन, निगरानी एवं वैधानिक प्रक्रियाओं को गंभीर रूप से प्रभावित किया।

संस्था को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वह सात दिन के भीतर सुस्पष्ट, तथ्यपरक और अभिलेखीय साक्ष्यों के साथ बिंदुवार स्पष्टीकरण कार्यालय जिला कौशल विकास प्राधिकरण, राजनांदगांव में प्रस्तुत करे। यदि समय सीमा में स्पष्टीकरण न दिया गया या प्रस्तुत स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया गया, तो संस्था को ब्लैकलिस्ट करने के साथ भविष्य में किसी भी सरकारी कार्य, योजना या निविदा में पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। इसके अलावा आवश्यकतानुसार अन्य विधिक और दंडात्मक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शाही संस्था को जिले में केवल मोबिलाइजेशन कार्य की अनुमति दी गई थी। लेकिन संस्था द्वारा अनुमति की शर्तों की अवहेलना करते हुए हितग्राहियों को अन्यत्र रोजगार दिलाने और राज्य के बाहर भेजने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान छह से सात महिला हितग्राहियों को प्रशिक्षण के नाम पर रायपुर बुलाया गया और वहां पहुंचने पर उन्हें बैंगलोर में प्रशिक्षण एवं रोजगार के लिए भेजे जाने की जानकारी दी गई। भयभीत होकर हितग्राहियों को वापस लौटना पड़ा।

प्राधिकरण ने कहा है कि यह कृत्य स्पष्ट रूप से भ्रामक प्रस्तुतीकरण, विश्वासभंग और हितग्राहियों को गुमराह करने के समान है। प्रथम दृष्टया यह प्रशासन की विश्वसनीयता को प्रभावित करने वाला पाया गया। बिना सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के ऐसा करना गंभीर अनियमितता और दुराचार के दायरे में आता है।

संस्था का यह व्यवहार न केवल प्रशासनिक आदेशों की अवज्ञा है, बल्कि हितग्राहियों की सुरक्षा, निगरानी और वैधानिक प्रक्रियाओं को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाला एवं जोखिमपूर्ण कदम भी माना जा रहा है।

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