राजनांदगांव। जिले में मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए जिला प्रशासन ने उच्च जोखिम गर्भवती माताओं के लिए विशेष पहल शुरू की है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार पंजीकृत उच्च जोखिम गर्भवती माताओं की पहचान कर उन्हें नि:शुल्क सोनोग्राफी सहित आवश्यक स्वास्थ्य जांच कराई जा रही है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि अब तक 1850 पंजीकृत उच्च जोखिम गर्भवती माताओं की जांच हो चुकी है। इसी कड़ी में इस सप्ताह 85 गर्भवती माताओं की सोनोग्राफी की गई।
जिले में योजना के अनुसार प्रत्येक उच्च जोखिम गर्भवती महिला को दो बार नि:शुल्क सोनोग्राफी कराई जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच के लिए माताओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके तहत हाइरिस्क गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार कर उन्हें साप्ताहिक फोन पर परामर्श दिया जा रहा है।
प्रसव से 15 दिन पूर्व मितानिनों द्वारा घर-घर भ्रमण कर माताओं की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जाती है। साथ ही, सोनोग्राफी सेंटर तक पहुंचाने के लिए नि:शुल्क एम्बुलेंस सेवा भी उपलब्ध कराई गई है।
डॉ. नेतराम ने बताया कि जिला और विकासखंड स्तर की इकाइयों की नियमित समीक्षा की जा रही है और कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं।

