जनता की आवाज से घबराई भाजपा, मुद्दों से भागने के लिए दे रही अनर्गल बयान : अभिमन्यु उदय मिश्रा

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राजनांदगांव। प्रदेश भर में होली के दिन शराब दुकानें खोलने के जनविरोधी निर्णय के खिलाफ लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन पर भाजपा द्वारा बयानबाजी पर प्रदेश कांग्रेस मीडिया पैनलिस्ट अभिमन्यु उदय मिश्रा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह आंदोलन व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सरकार की गलत नीति के खिलाफ था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जन्मदिन के दिन प्रतीकात्मक पुतला दहन इसलिए किया गया ताकि सरकार को यह संदेश दिया जा सके कि प्रदेश की माताएं-बहनें और युवा होली जैसे पवित्र त्योहार पर शराब बिक्री का विरोध कर रहे हैं और क्योंकि साय जी मुख्यमंत्री हैं और आबकारी मंत्री भी हैं उनको जन्मदिन के दिन आईना दिखाया गया ।
भाजपा इसे व्यक्तिगत अपमान बताकर असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है, उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन पूर्णतः लोकतांत्रिक तरीके से किया गया। यदि भाजपा को पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाना है तो वे प्रशासन से पूछें, लेकिन कांग्रेस पर निराधार आरोप लगाकर अपनी राजनीतिक हताशा न छिपाएं। “क्या कांग्रेसियों ने पुलिस को साध लिया था” जैसे बयान भाजपा की बौखलाहट और लोकतांत्रिक विरोध से डर को दर्शाते हैं।
मिश्रा ने कहा कि भाजपा यह बताए कि जब प्रदेश के कई इलाकों में घर-घर पानी नहीं पहुंच पा रहा, बेरोजगारी बढ़ रही है और महंगाई चरम पर है, तब सरकार की प्राथमिकता होली के दिन शराब बिक्री क्यों है? क्या यही जनहित है?
उन्होंने भाजपा को याद दिलाया कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में शराबबंदी की दिशा में चरणबद्ध नीति और सामाजिक संवाद की प्रक्रिया शुरू की थी। वहीं वर्तमान सरकार त्योहारों को भी राजस्व कमाने का माध्यम बना रही है।
अवैध शराब रोकने वाले तर्क पर उन्होंने कहा कि अवैध शराब के नाम पर वैध शराब की बिक्री बढ़ाना समस्या का समाधान नहीं है उल्टा अवैध शराब की बिक्री रोकना शासन का ही काम है साथ ही अपने बयान में वे खुद मान रहे हैं की गली-गली मोहल्ले-मोहल्ले अवैध व मिलावटी शराब बिक रही है ऐसे में कार्यवाही करने के बजाय वैध शराब को बढ़ावा देना सामाजिक संकट को और गहरा करना है एन सी आर बी की रिपोर्ट कहती है होली के दिन सड़क दुर्घटनाओं से ले कर आपराधिक घटनाओं में वृद्धि होती है ऐसे में खुले आम ठेके खोल देना आग में घी डालने जैसा है ।
अभिमन्यु उदय मिश्रा ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना संवैधानिक अधिकार है। यदि जनता की आवाज उठाना भाजपा को “ओछी मानसिकता” लगता है, तो यह उनकी सोच को दर्शाता है। कांग्रेस जनता के हित, महिला सुरक्षा और नशामुक्त समाज की मांग को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगी।
अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा मुद्दों पर जवाब दे, व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से राजनीतिक स्तर को गिराने का प्रयास न करे। राजनांदगांव की जनता सब देख रही है और समय आने पर जवाब भी देगी।

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