राजनांदगांव। आदिवासी अंचल की रॉ टेलेंट खिलाड़ी दिपशिखा एक्का का चयन नार्दन फ्रंटियर रेलवे गुवाहाटी में हुआ है। राजनांदगांव की बास्केटबॉल नर्सरी ने फिर एक बार अपनी उत्कृष्ट खेल परंपरा को साबित किया है।
दिपशिखा का प्रशिक्षण अंतर्राष्ट्रीय बास्केटबॉल कोच कालवा राजेश्वर राव और उनकी पत्नी कालवा राधा राव के मार्गदर्शन में हुआ। यह नर्सरी विशेष रूप से वनांचल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के आदिवासी, पिछड़ा वर्ग और गरीब खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए जानी जाती है।
दिपशिखा का खेल सफर 2014-15 में जिला बास्केटबॉल संघ सरगुजा के सहयोग से आयोजित टैलेंट सर्च से शुरू हुआ। कस्तूरबा गांधी छात्रावास की छात्राओं ने इस ट्रायल में भाग लिया, जहां दिपशिखा सहित कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राजेश प्रताप सिंह द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें युगांतर पब्लिक स्कूल, राजनांदगांव में एडमिशन दिलाया गया और वैज्ञानिक तरीकों से प्रशिक्षण जारी रहा। कुछ ही समय में दिपशिखा ने राज्य स्तरीय शालेय बास्केटबॉल, सीबीएसई क्लस्टर और नेशनल प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीते और राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया।
उनकी उपलब्धियों के आधार पर उन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण, राजनांदगांव में आवासीय प्रशिक्षण केंद्र में शामिल किया गया। बाद में दिल्ली पब्लिक स्कूल, राजनांदगांव में हॉस्टल में रखकर प्रशिक्षण जारी रहा। इसके पश्चात आईटीएम यूनिवर्सिटी, ग्वालियर में निःशुल्क एडमिशन और वहाँ पश्चिम क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक। इसके बाद उन्होंने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में भी अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।
राजनांदगांव की नर्सरी से और तीन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों – निशा कश्यप, शबनम एक्का और उर्वशी बघेल – ने साउथ ईस्टर्न सेंट्रल रेलवे, बिलासपुर में खेल कोटे से नौकरी पाई। सभी ने कालवा राजेश्वर राव और कालवा राधा राव से प्रशिक्षण प्राप्त किया।
दिपशिखा एक्का की इस उपलब्धि पर उनके परिवार, प्रशिक्षकगण और सरगुजा जिला बास्केटबॉल संघ के सचिव राजेश प्रताप सिंह सहित खेल समुदाय और गणमान्य नागरिकों ने उन्हें बधाई दी।
राजनांदगांव की यह नर्सरी लगातार आदिवासी और पिछड़े क्षेत्र की युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का सफल प्रयास कर रही है।

