राजनांदगांव। म्युनिस्पल स्कूल ग्राउंड में लान घास लगाने के नाम पर 35 लख रुपए खर्चा तो किया गया है। लेकिन ग्राउंड के रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे ऐसा लगता है कि जनता का पैसा शासन प्रशासन ने व्यर्थ में ही फूंक दिया है। उल्लेखनीय है कि साल भर पहले म्युनिस्पल स्कूल ग्राउंड को काली मिट्टी से पूरी तरह पाठ दिया गया था। इससे शॉर्टकट आने जाने वालों का रास्ता बंद हो गया। इतना ही नहीं तार फेंसिंग करके लान घास लगाई गई। उसके बाद बरसात के कुछ महीने तक हरियाली बरकरार रही। इस मैदान में परंपरागत रूप से दशहरे में रावण मारा गया तब भी लान घास की हरियाली लोगों का मन मोह रही थी। उसके बाद दिवाली के समय पटाखा बाजार लगा तब के बाद से लान घास का सत्यानाश हो गया। उसके बाद फिर कुछ कुछ और कार्यक्रम होते रहे हैं। इससे लान घास मैदान की दुर्दशा अब देखते बनती है। तार फेंसिंग भी टूटे हुए हैं और आसामाजिक तत्वों ने इसे अपना एस गांह बना लिया है। रात के अंधेरे में शराब खोरी, गंजा खोरी और न जाने क्या-क्या अनैतिक कार्य होते हैं। संस्कारधानी के विद्या मंदिर के इस मैदान को कलेक्टर के निर्देश पर उद्यान विभाग ने संवारा था। संवारा कर फरवरी में नगर निगम को स्थानांतरित कर दिया है। उसके बाद निगम प्रशासन इसकी देखरेख में भारी लापरवाही बरत रहा है। अखबार के सुर्खियों में आने के बाद भीषण गर्मी में अब जाकर पानी देने का काम निगम ने शुरू किया है। इससे लान घास की हरियाली थोड़ी बहुत वापस लौटने लगी है। लेकिन इस हरियाली को भी मवेशी चट कर रहे हैं। क्योंकि तार फेंसिंग फिर से और अच्छी तरह दुरुस्त नहीं किए गए हैं।

