राजनांदगांव। शासकीय किसान उच्चतर माध्यमिक शाला करमतरा में इस वर्ष भी 14 नवंबर को परंपरागत रूप से बाल दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर विद्यालय में बाल मेला का आयोजन होगा, जिसमें छात्र-छात्राएं अपने हाथों से बनाए व्यंजन, हस्तशिल्प और सजावटी वस्तुओं के स्टॉल लगाएंगे।
बाल मेला को और अधिक विशेष बनाने के लिए इस वर्ष विद्यालय परिसर में साप्ताहिक शुक्रवारी बाजार भी लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों को स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों से परिचित कराना और उन्हें व्यवहारिक जीवन की समझ देना है।
अंचल के जनपद सदस्य एवं शाला विकास समिति अध्यक्ष टूमन लाल साहू ने विद्यालय पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया और बच्चों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि बाल मेला बच्चों की रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का उत्कृष्ट माध्यम है। साथ ही उन्होंने छात्रों से अपने मेहनतपूर्वक अध्ययन कर माता-पिता, विद्यालय और गांव का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
विद्यालय के प्राचार्य राजेश शर्मा ने बताया कि बाल मेला बच्चों को व्यावहारिक जीवन की सीख देता है और समझने का अवसर देता है कि कैसे पूंजी लगाकर लाभ कमाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी दिनों में विद्यालय में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा, जिनके पुरस्कार वितरण गणतंत्र दिवस पर किया जाएगा।
बाल मेला की तैयारियों को लेकर विद्यार्थियों और शिक्षकों में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणजन भी इस आयोजन के लिए उत्साहित हैं और बच्चों को प्रोत्साहित करने की पूरी तैयारी में जुटे हैं।
यह बाल दिवस न केवल मनोरंजन का अवसर बनेगा, बल्कि बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी देगा।

