राजनांदगांव। राम जानकी बाला बाबा मंदिर परिसर में रविवार को शरद पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य रूप में किया गया। अखिल भारतीय पुजारी पुरोहित संघ के तत्वावधान में आयोजित इस दिव्य पर्व में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान श्रीराम, माता जानकी एवं बाला बाबा का पूजन-अर्चन किया। मंदिर परिसर दीपमालाओं और भजन-संकीर्तन से आलोकित हो उठा, वातावरण भक्तिमय और अलौकिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया।
इस अवसर पर मंदिर के पुजारी एवं संघ के कार्यालय प्रमुख वैभव निर्वाणी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार की शरद पूर्णिमा कई मायनों में विशेष रही। रात के समय चंद्रमा के चारों ओर बना अद्वितीय चंद्रवलय (लूनर हेलो) भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा, जिसे शुभ संकेत के रूप में देखा गया। वैभव निर्वाणी ने बताया कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं के साथ प्रकट होता है, जिसकी अमृतमयी किरणें खीर को औषधीय गुणों से युक्त कर देती हैं। इसी परंपरा के तहत मंदिर प्रांगण में दूध-चावल की खीर खुले आकाश के नीचे रखी गई, जिसे बाद में प्रसाद के रूप में वितरित किया गया।
कार्यक्रम में संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री देवकुमार निर्वाणी ने अपने संदेश में कहा कि शरद पूर्णिमा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आरोग्य, समृद्धि और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक पर्व है। उन्होंने कहा कि इस रात की चंद्र किरणें सकारात्मकता और सौहार्द का संचार करती हैं, इसलिए यह साधना और आराधना के लिए अत्यंत उपयुक्त मानी जाती है।
शरद पूर्णिमा की रात भव्य महाआरती के आयोजन से भक्तों में अपार उत्साह देखने को मिला। “जय श्रीराम” और “बाला बाबा की जय” के जयकारों से गूंजते मंदिर परिसर में भक्तों ने आरती पश्चात पारंपरिक खीर प्रसाद ग्रहण किया।
इस भव्य आयोजन में अखिल भारतीय पुजारी पुरोहित संघ के अनेक पदाधिकारी, संत समाज एवं नगर के गणमान्य नागरिक विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने वालों में निधि वैष्णव, जिला मंडलेश्वर राज दुबे, दिलीप वैष्णव, अनिल कुमार शर्मा, शेखर दुबे, ज्ञानेश्वर दास वैष्णव, महाराज शर्मा (जगन्नाथ मंदिर), जितेंद्र झा (दिग्विजय कॉलेज गणेश मंदिर), चंदन दास (डोंगरगढ़ बजरंगबली मंदिर), रिंकू दास (हनुमान मंदिर पांडाडह), मनीष दास (कृष्ण मंदिर), हालदार दास (महावीर मंदिर) सहित विभिन्न मंदिरों के संत-महंतों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
वहीं, सामाजिक क्षेत्र से एल.डी. निर्मोही, राकेश दास वैष्णव, संजय वैष्णव, संदीप दास वैष्णव, शिव वैष्णव, कृष्ण कुमार वैष्णव, मनोज निर्वाणी, बाबा वैष्णो, ज्ञानी वैष्णव, अमर वैष्णव, डॉ. रविंद्र द्विवेदी, संतोष वैष्णव, राघवेंद्र दास (अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ युवा इकाई अध्यक्ष), नंदकिशोर दास (निर्मोही अखाड़ा) सहित कई श्रद्धालुओं ने इस पावन अवसर पर उपस्थिति देकर आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।
आयोजन के अंत में वैभव निर्वाणी ने सभी श्रद्धालुओं, संतों एवं सहयोगियों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से न केवल हमारी सांस्कृतिक परंपराएं जीवंत होती हैं, बल्कि सामाजिक एकता, श्रद्धा और भारतीय संस्कृति का गौरव भी सशक्त होता है।

