लोकतंत्र खत्म करने की सोच कभी सफल नहीं होगी – देवेश वैष्णव

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➡️ कहा – विवादित नारे के मामले में भाजपा नेता खूबचंद पारख जनता से मांगे माफी

राजनांदगांव।

शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री देवेश वैष्णव ने भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के पूर्व उपाध्यक्ष खूबचंद पारख का एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाजपा नेत्रियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ कथित तौर पर लोकतंत्र हटाओ का नारा लगाते हुए सामने आए वीडियो को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने और उसे समाप्त करने जैसी सोच रखने वालों के मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे। भारत का लोकतंत्र किसी राजनीतिक दल की इच्छा पर नहीं, बल्कि संविधान और देश की जनता की शक्ति पर आधारित है।
श्री वैष्णव ने कहा कि भाजपा को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र ही वह व्यवस्था है जिसके माध्यम से जनता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करती है और सरकारों को सत्ता तक पहुंचाती है। ऐसे में लोकतंत्र को हटाने जैसे नारे सामने आना बेहद चिंताजनक है। यह केवल किसी राजनीतिक दल का मामला नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक परंपराओं, संवैधानिक मूल्यों और नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान ने प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अपनी पसंद की सरकार चुनने का अधिकार दिया है। लोकतंत्र में सत्ता स्थायी नहीं होती, जनता सर्वोच्च होती है। जनता के फैसले से सरकारें बनती और बदलती हैं। इसलिए किसी भी राजनीतिक दल या नेता को लोकतांत्रिक व्यवस्था से ऊपर समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। श्री वैष्णव ने भाजपा नेतृत्व से सवाल किया कि यदि सार्वजनिक कार्यक्रमों में लोकतंत्र हटाने जैसे नारे लगाए जा रहे हैं तो पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस पर अपना स्पष्ट पक्ष क्यों नहीं रख रहा है क्या भाजपा ऐसे नारों का समर्थन करती है यदि नहीं, तो संबंधित नेताओं के खिलाफ सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा को देश की जनता और संविधान की भावना का सम्मान करते हुए इस मामले में माफी मांगनी चाहिए। श्री वैष्णव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का संकल्प हमेशा से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करना रहा है। आज देश को लोकतंत्र हटाने की नहीं, बल्कि लोकतंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है। कांग्रेस का स्पष्ट नारा है लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ। इस संकल्प के साथ कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विचारधाराओं के बीच मतभेद होना स्वाभाविक है। राजनीतिक दलों को अपनी नीतियों और विचारों के आधार पर चुनाव लड़ने तथा जनता के बीच जाने का पूरा अधिकार है, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था पर ही सवाल खड़े करना देशहित में नहीं है। लोकतंत्र रहेगा तभी विपक्ष की आवाज रहेगी, जनता को सवाल पूछने का अधिकार मिलेगा और संविधान द्वारा प्रदत्त नागरिक अधिकार सुरक्षित रहेंगे। श्री वैष्णव ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति में लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे समय में इस तरह के नारे सामने आना देश के लिए उचित संदेश नहीं देता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र को कमजोर करने वाली किसी भी सोच का वैचारिक और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करती रहेगी। यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की गरिमा को बनाए रखने की लड़ाई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सामने आए वीडियो की सत्यता, उसमें लगाए गए नारों के वास्तविक शब्दों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी प्रकार का कानून उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अंत में देवेश वैष्णव ने कहा कि भाजपा यह गलतफहमी दूर कर ले कि लोकतंत्र को समाप्त करने या उसकी आवाज दबाने की कोई भी कोशिश सफल हो सकती है। देश की जनता लोकतंत्र की असली ताकत है और संविधान उसकी आत्मा है। कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहेगा। लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस की आवाज सड़क से लेकर सदन तक बुलंद होती रहेगी।

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