राजनांदगांव। संस्कार सिटी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, ठाकुरटोला में गुरुवार को समय पर पहचान, सही उपचार एवं जीवन की रक्षा विषय पर एक दिवसीय स्वास्थ्य जागरूकता व्याख्यान आयोजित किया गया। रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अर्पित अग्रवाल ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को ब्रेन स्ट्रोक के लक्षणों, कारणों, बचाव और समय पर उपचार की जानकारी दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. गुरप्रीत कौर और मुख्य अतिथि डॉ. अर्पित अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर सरस्वती पूजन के साथ किया। प्राचार्य ने पुष्पगुच्छ भेंटकर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ब्रेन स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर उपचार कराया जाना चाहिए। विद्यार्थियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के साथ समाज को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि चेहरे का एक तरफ झुकना, हाथ-पैर में अचानक कमजोरी या सुन्नपन, बोलने अथवा समझने में कठिनाई, चक्कर आना और अचानक तेज सिरदर्द जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि समय पर उपचार मिलने से जीवन बचाने और स्थायी विकलांगता के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को तनाव से दूर रहने, पर्याप्त नींद लेने, संतुलित आहार अपनाने और नियमित व्यायाम करने की सलाह दी। साथ ही रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम का विशेष पहलू गुरु-शिष्य का आत्मीय संबंध रहा। डॉ. अर्पित अग्रवाल को प्राचार्य डॉ. गुरप्रीत कौर ने उनके प्राथमिक विद्यालय के समय पढ़ाया था। अपने पूर्व विद्यार्थी को सफल न्यूरोलॉजिस्ट के रूप में देखकर प्राचार्य ने प्रसन्नता और गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक के लिए इससे बड़ी खुशी की बात नहीं हो सकती कि उनका पढ़ाया विद्यार्थी सफलता प्राप्त कर समाज की सेवा कर रहा है।
प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य और ब्रेन स्ट्रोक से जुड़े सवाल पूछे। डॉ. अग्रवाल ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम का संचालन आईक्यूएसी प्रभारी सुरभी भट्टाचार्य ने किया। अंत में मुख्य अतिथि को शाल और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। सहायक प्राध्यापक शुभम तिवारी और मधुबाला श्रीवास्तव ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।


