देशभर के 128 उत्कृष्ट शिक्षकों के साथ ‘शिक्षा ज्योति सम्मान’ से सम्मानित हुईं शिक्षिका चित्रा साहू

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बलौदाबाजार। कक्षा की चारदीवारी से निकलकर जब शिक्षण नवाचार, रचनात्मकता और बच्चों के सर्वांगीण विकास का माध्यम बन जाता है, तब शिक्षक का प्रयास केवल विद्यालय तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज के भविष्य को आकार देने लगता है। ऐसे ही समर्पित एवं नवाचारी शिक्षण कार्य के लिए श्रीमती चित्रा साहू, शिक्षिका, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कोलिहा, विकासखंड सिमगा, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा (छत्तीसगढ़) को विश्व शिक्षक दिवस के अवसर पर ‘शिक्षा ज्योति सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

देशभर के 128 उत्कृष्ट शिक्षकों के साथ मिली राष्ट्रीय पहचान

विश्व शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, उत्कृष्ट शिक्षण कार्य एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने वाले देशभर के चयनित शिक्षकों के सम्मान में एक गरिमामय राष्ट्रीय ऑनलाइन सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से चयनित 128 उत्कृष्ट शिक्षकों को उनके उल्लेखनीय शैक्षणिक योगदान के लिए ‘शिक्षा ज्योति सम्मान’ प्रदान किया गया।

यह राष्ट्रीय सम्मान समारोह ‘शिक्षा ज्योति’ छत्तीसगढ़ की संस्थापक श्रीमती अर्चना शर्मा एवं अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार छत्तीसगढ़ के जनरल सेक्रेटरी डॉ. राघवेंद्र सिंह राठौर द्वारा आयोजित किया गया।

सम्मान-पत्र में श्रीमती चित्रा साहू के अभिनव प्रयोगों, नवाचारी शिक्षण विधियों एवं शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान की सराहना की गई तथा ज्ञान एवं संस्कारों के प्रसार की उनकी निरंतर यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी गईं।

कला से विज्ञान तक—बच्चों की प्रतिभा को मंच देने का प्रयास

श्रीमती चित्रा साहू लंबे समय से बच्चों के लिए गतिविधि आधारित एवं रचनात्मक शिक्षण को प्राथमिकता देती रही हैं। विद्यालय में आर्ट एंड क्राफ्ट, विज्ञान आधारित गतिविधियां, प्रयोगात्मक शिक्षण, बाल शोध, विज्ञान मेले, क्विज प्रतियोगिताएं, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता जैसी गतिविधियों के माध्यम से वे विद्यार्थियों में जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और आत्मविश्वास विकसित करने का प्रयास करती हैं।

उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने विज्ञान एवं गणित दिवस की जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रथम एवं द्वितीय स्थान, विज्ञान क्विज सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उपलब्धियां हासिल की हैं। वहीं इंस्पायर अवॉर्ड में लगातार चार वर्षों से विद्यार्थियों का चयन तथा विज्ञान संबंधी विभिन्न गतिविधियों में बच्चों की सहभागिता विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों को नई पहचान दे रही है।

सम्मान के साथ बढ़ी जिम्मेदारी

श्रीमती चित्रा साहू ने सम्मान प्राप्त होने पर कहा कि— “शिक्षक के लिए सबसे बड़ा सम्मान तब होता है, जब उसके प्रयास से किसी बच्चे में सीखने की जिज्ञासा, कुछ नया करने का साहस और अपने सपनों को पूरा करने का विश्वास पैदा हो। यह सम्मान मेरे लिए नई ऊर्जा और नई जिम्मेदारी लेकर आया है।”
उन्होंने इस सम्मान का श्रेय अपने विद्यार्थियों, विद्यालय परिवार, सहकर्मियों एवं सभी सहयोगियों को दिया और भविष्य में भी शिक्षा में नवाचार एवं बाल-केंद्रित गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने की बात कही।

विद्यालय एवं क्षेत्र में हर्ष का माहौल

श्रीमती चित्रा साहू को राष्ट्रीय स्तर का यह सम्मान प्राप्त होने पर विद्यालय परिवार, प्रधान पाठक, सहकर्मियों, संकुल परिवार, विकासखंड के शिक्षकों, शिक्षाविदों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है। सभी ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा शिक्षा के क्षेत्र में इसी प्रकार निरंतर नवाचार, समर्पण और उत्कृष्ट कार्य करते रहने के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

विश्व शिक्षक दिवस पर मिला यह सम्मान श्रीमती चित्रा साहू के लिए केवल एक सम्मान-पत्र नहीं, बल्कि वर्षों से किए जा रहे समर्पित शिक्षण एवं नवाचार की राष्ट्रीय स्तर पर मिली एक नई पहचान है।

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