राजनांदगांव। शहर की सिटी कोतवाली पुलिस और सायबर सेल की संयुक्त टीम ने छह राज्यों में हुई 91 लाख 85 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में एक म्यूल (भाड़े के) अकाउंट धारक को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने बैंक खाते का उपयोग ठगी की रकम के लेन-देन के लिए अपराधियों को उपलब्ध कराता था। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर व नगर पुलिस अधीक्षक सत्यप्रकाश तिवारी के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक उपेंद्र कुमार शाह और सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय पम्मार के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
गृह मंत्रालय के पोर्टल से मिला सुराग
गृह मंत्रालय भारत सरकार के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (14C) के समन्वय पोर्टल से राजनांदगांव पुलिस को कुछ संदिग्ध म्यूल खातों की जानकारी मिली थी। जांच में पाया गया कि आरोपी के आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक खाते का इस्तेमाल छह राज्यों में हुई साइबर ठगी की 91.85 लाख रुपये की अवैध राशि को प्राप्त करने और आगे ट्रांसफर करने के लिए किया गया था।
डोंगरगढ़ का रहने वाला है आरोपी
जांच के आधार पर पुलिस ने थाना सिटी कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(4) और 317(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। पुलिस ने शनिवार को दबिश देकर आरोपी धनीराम सिन्हा (43 वर्ष), निवासी ग्राम जामरी (थाना डोंगरगढ़) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
क्या होता है म्यूल अकाउंट?
म्यूल बैंक अकाउंट वह खाता होता है, जिसका उपयोग साइबर अपराधी ठगी की अवैध रकम को छिपाने, ट्रांसफर करने या निकालने के लिए करते हैं। अपराधी अक्सर भोले-भाले या आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पैसे या कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम और चेकबुक का इस्तेमाल करते हैं।
राजनांदगांव पुलिस की आम जनता से अपील
खाता या सिम न दें: किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या मोबाइल सिम कार्ड इस्तेमाल के लिए न दें।
लालच से बचें: कमीशन या जल्दी पैसा कमाने के किसी भी प्रलोभन में न आएं।
सतर्क रहें: बैंक खातों के लेन-देन पर नजर रखें और संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत पुलिस या सायबर सेल को सूचना दें।
कानूनी चेतावनी: बैंक खाता किराए पर देना या बेचना कानूनन अपराध है। ऐसे खाताधारकों को भी साइबर अपराध का सह-आरोपी मानकर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


