राजनांदगांव। हार्वेस्टर की खरीदी के लिए 23 लाख 50 हजार रुपए का भुगतान करने के बावजूद वाहन की डिलीवरी नहीं मिलने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मेसर्स दुर्ग ट्रैक्टर्स, जेवरा सिरसा, दुर्ग को राशि लौटाने का आदेश दिया है। आयोग ने सेवा में कमी मानते हुए 23.50 लाख रुपए की मूल राशि के साथ 25 हजार रुपए क्षतिपूर्ति और 5 हजार रुपए वाद व्यय का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
भुगतान के बाद भी नहीं मिली डिलीवरी
ग्राम सोनपुरी, पोस्ट कमसीरिया, तहसील छुरिया निवासी रुपदास वर्मा ने हार्वेस्टर खरीदने के लिए मेसर्स दुर्ग ट्रैक्टर्स को अलग-अलग माध्यमों से कुल 23.50 लाख रुपए का भुगतान किया था। परिवादी के अनुसार निर्धारित समय बीतने के बाद भी हार्वेस्टर की डिलीवरी नहीं की गई। मामला सेल्फ करतार हार्वेस्टर 4000 एसवी, अशोका लेलैंड इंजन 133 एचपी 14 फीट, कटर बार सहित अन्य उपकरणों वाले हार्वेस्टर से संबंधित था।
डिलीवरी नहीं मिलने पर परिवादी ने राशि वापस करने की मांग की। संतोषजनक समाधान नहीं होने पर उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद प्रस्तुत किया।
दस्तावेजों की जांच के बाद आदेश
आयोग ने कोटेशन, लेटर ऑफ अरेंजमेंट, बैंक स्टेटमेंट, भुगतान रसीद और नोटिस सहित प्रस्तुत दस्तावेजों का परीक्षण किया। इसमें 23.50 लाख रुपए का भुगतान किया जाना प्रमाणित पाया गया। हार्वेस्टर की डिलीवरी नहीं होने को आयोग ने सेवा में कमी माना।
मामले में अनावेदक क्रमांक-2 की किसी प्रकार की लिप्तता प्रमाणित नहीं होने पर उसे प्रकरण से मुक्त कर दिया गया। वहीं मेसर्स दुर्ग ट्रैक्टर्स के विरुद्ध परिवादी के पक्ष में आदेश पारित किया गया।
60 दिन में भुगतान नहीं किया तो 9 प्रतिशत ब्याज
आयोग के आदेश के अनुसार मेसर्स दुर्ग ट्रैक्टर्स को 23.50 लाख रुपए मूल राशि, 25 हजार रुपए क्षतिपूर्ति और 5 हजार रुपए वाद व्यय का भुगतान करना होगा। मूल राशि पर 21 अप्रैल 2026 से भुगतान की तारीख तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। आदेशित राशि का भुगतान 60 दिनों के भीतर नहीं करने पर परिवाद प्रस्तुत करने की तारीख से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होगा।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुंडू और सदस्य डॉ. आनंद वर्गीस ने 9 सितंबर 2026 को आदेश पारित किया। परिवादी की ओर से अधिवक्ता मनीष तिवारी ने पैरवी की।


